अंबिकापुर। विकासखंड ओड़गी के वन परिक्षेत्र कुदरगढ़ के दूरस्थ गांव भवंरखोह में रविवार को सुबह 10 बजे गांव में घुसे एक चीता ने बकरी को अपना शिकार बना लिया। रविवार की सुबह ग्रामीण रामलाल पंडो पिता टिहुला पंडो अपने सेमरखाड़ खुर्द पारा में रामलाल पंडो के भतीजा राजलाल पंडो के घर के पास पालतू जानवरों को चरा रहा था। उसी समय जंगल की ओर से जंगली जानवर चीता आया और जानवरों पर हमला कर दिया, जिसमें एक बकरी की मौत हो गई। इस समय भवंरखोह का पूरा जंगल भीषण आग की चपेट में है, जिसके कारण जंगली जानवर गांव की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं वन विभाग मूकदर्शक बना है। वन विभाग के अधिकारी न तो आग बुझाने आ रहे हैं ना ही चीता का शिकार बने बकरी को देखने। ग्रामीणों को भय है कि यदि वन विभाग बेफिक्र रहा तो चीता पालतू जानवरों के साथ ग्रामीणों को भी शिकार बना सकता है। घटना के समय भवंरखोह के वन रक्षक से फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर वनरक्षक ने फोन नहीं उठाया। महेश्वरी वन रक्षक भवंरखोह ने बाद में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने का हवाला देकर मौके पर पहुंचने में असमर्थता जताई। ओड़गी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी ने ग्रामीण रामलाल पंडो से फोन से घटनाक्रम की जानकारी ली और क्षतिपूर्ति के लिए जिम्मेदारों का ध्यान दिलाया है। अब वन विभाग क्या कार्रवाई करता है, यह देखना शेष है।

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