रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)– पहले जहां छठ पूजा के पूर्व नगर पंचायत के द्वारा छठ घाट बनाने के लिए कई दिनों तक कन्हर नदी में जेसीबी एवं ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता था वहीं इस बार प्राकृतिक रूप से छठ घाट बन गया है। प्राकृतिक रूप से छठ घाट बनने से व्रती जहां उत्साहित है वही छठ करने के लिए इस बार नदी का पाट काफी बढ़ गया है।

                  गौरतलब है कि रामानुजगंज में छठ पर्व पर दशकों  से छठ की अनुपम छटा देखने को मिलती हैं यहां पर छठ व्रत जहां नगर के लोगों के द्वारा रखा जाता ही है वहीं दूसरे प्रदेशों से काफी संख्या में व्रती यहां छठ पर्व करने आते हैं। जिसे लेकर नगर पंचायत एवं छठ पूजन समितियों के द्वारा व्यापक स्तर में व्यवस्थाएं की जाती रही है वही नगर पंचायत के द्वारा छठ घाट तैयार कराया जाता रहा है परंतु इस बार प्राकृतिक रूप से छठ घाट का निर्माण हो गया है जिससे नगर पंचायत को छठ घाट बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पिछले वर्ष नगर पंचायत को एवं जल संसाधन विभाग को छठ घाट बनाने में काफी मशक्कत करना पड़ा था। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम एवं नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल रात दिन खड़े होकर छठ घाट का निर्माण करवाया था।

प्रकृति ने भी बनाया सोशल डिस्टेंसिंग- पहले जहां राम मंदिर घाट में ही व्रती छठ पूजा करते थे। वही राम मंदिर घाट में नदी का पाट काफी चौड़ा हुआ ही है वही महामाया मंदिर घाट में भी व्रती छठ कर सकते हैं यहां भी व्रतियों के छठ करने के लिए पर्याप्त जगह प्राकृतिक रूप से बन गया है।

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