अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत दात्रम के सचिव पर ग्राम पंचायत के खाता से राशि अपने व पत्नी के नीति खाता में आहरण करने का मामला प्रकाश में आया हैं. इस मामलें में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुसमी को लिखित आवेदन पर शिकायत दी गई हैं. साथ ही इसकी प्रतिलिपि बलरामपुर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ तथा एसडीएम कुसमी को दी गई हैं।

दिए गए आवेदन में शिकायत कर्ता ने बताया है कि ग्राम पंचायत दात्रम के पंचायत खाता क्रमांक 77039457280 छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा कुसमी के खाता से पंचायत सचिव संजय पैकरा के द्वारा मनमानी ढंग से बिना पंचों की सहमति एवं बिना निर्माण कार्य किए 14 वा वित्त की राशि को अपने स्वयं के खाता में एवं पत्नी के खाता में पैसा ट्रांसफर किया गया हैं। शिकायतकर्ता ने कुल राशि तीन लाख बहत्तर हजार रुपये प्रमाणिक दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न कर आहरण किया जाना संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते हुवे राशि वसूली की मांग की हैं. जिससे पंचायत की राशि का सही उपयोग हो सके।

सचिव के मनमानी कार्य की पूर्व में भी शिकायत, पर कोई कार्यवाही नहीं

ग्राम पंचायत दात्रम के उपसरपंच व पंचों ने पूर्व में भी उक्त पंचायत सचिव के ऊपर शासन से पंचायत को मिले 14वे वित्त मद व मूलभूत की अधिकांश राशि को बगैर कार्य कराए एवं पंचो के बिना सहमति के मनमानी तरीके से राशि का आहरण कर बंदर बांट करने का आरोप लगाया था. आरोप यह भी लगाया गया था कि सचिव द्वारा न तो ग्राम सभा लगाया जाता है और न ही पंचो या उपसरपंच से किसी प्रकार की सलाह लेकर आहरण वितरण पंजी में हस्ताक्षर नही कराया जाता है। जिसकी शिकायत विगत माह बलरामपुर कलेक्टर, जिला पंचायत व जनपद कार्यालय कुसमी में की गई थी। इस शिकायत पर सीईओ जनपद पंचायत कुसमी रणवीर साय द्वारा मामले की जाँच के लिए पंचायत निरीक्षक महेश बुनकर, सब इंजियर रामाधीन की टीम को मामले की जाँच के लिए दात्रम भेजा गया. पहुंच जांच टीम को सचिव के द्वारा बिना किसी दस्तावेज को सामने लाए मौखिक रूप से हिसाब बताया गया। इसे लेकर उपस्थित जनप्रतिनिधि व ग्रामीणोंं के बीच असंतोष व्याप्त हैं। जांच टीम के द्वारा मामले में गंभीरता पूर्वक जांच नहीं किए जाने संपूर्ण मामला अधर मेंं लटका हुआ है। जनपद पंचायत कार्यालय के द्वारा मामले को ठंडे बस्ते में रख कर सचिव के ऊपर कार्यवाही नहीं किए जाने सचिव के हौसले बुलंद है तथा कई मूलभूत कार्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा हैं।

पुराने पुलिया में मरम्मत का 50 हजार लागत और राशि 3 लाख 45 हजार आहरण

पूर्व में दिए गए शिकायत पत्र में संबंधित विभाग को अवगत कराते हुवे बताया गया हैं कि सचिव द्वारा पंचायत में एक पुराने छोटे पुलिया का मरम्मत के बाद 3 लाख 45 हजार रुपये राशी आहरण की गई हैं, जिसकी अनुमानित लागत 50 हजार बताया गया है. लेकिन इसका बगैर स्टीमेट व सब इंजियर के मूल्यांकन के बिना ही भारी भरकम राशी सचिव द्वारा आहरण कर ली गई। जिसे गम्भीरता पूर्वक जांच करने की आवश्यकता हैं पर इसके लिए पहुंची जांच टीम के द्वारा मामले की खानापूर्ति के लिए जांच कर मामले को ठंडे बस्ते में रख दिया गया हैं। जिससे सचिव के हौसले बुलंद है और लगातार सचिव के द्वारा मनमानी किये जाने का मामला सामने आ रहा हैं।

🟥इसकी जानकारी बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर कुंदन कुमार को देने की कोशिश की गई. लेकिन वे आवश्यक बैठक में थें. उन्होंने मोबाईल पर संदेश के माध्यम भेजने के लिए कहा।

🟥मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुसमी रणवीर साय ने कहा शिकायत प्राप्त हुई हैं मामले की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गई हैं जाँच रिपोर्ट में मिलें तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

🟥पंचायत सचिव संजय पैकरा ने कहा मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं पूर्व में हुए जाँच के दौरान बैक से आहरण हुई राशि का हिसाब दे चुका हूँ मेरे नाम से चेक से राशी आहरण नही हुआ है। वहीँ बैंक स्टेटमेंट में साफ तौर पर आहरण उल्लेखित दिख रहा हैं।

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