प्रेमनगर पप्पू यादव- केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना पीएम आवास पूरे जनपद क्षेत्र प्रेमनगर में बदहाल है पूरे जनपद क्षेत्र के प्रत्येक पंचायतों में अधूरे पड़े हैं सैकड़ों पीएम आवास जो कई पंचायतों में तो कागजों पर पूर्ण करा दिया गया है वहीं मौके पर आधे-अधूरे जर्जर स्थिति में हर पंचायत में सैकड़ों की संख्या में हैं। पीएम आवासों को सरकारी कर्मचारी व अधिकारी हितग्राही को जल्द कंप्लीट करने का दबाव बनाते रहे हैं जबकि अधूरे पड़े सभी पीएम आवास किसी अन्य फर्जी ठेकेदारों के द्वारा बनाया जा रहा था जिसकी राशि वह हितग्राही के खाते से अंगूठा लगवा कर फर्जी तरीके से आहरण कर लिया जिस वजह से संपूर्ण आवास आधे-अधूरे की स्थिति में है।

जनपद क्षेत्र के विंध्यांचल, बलदेवनगर, सारस्ताल, हरियरपुर, महेशपुर, बकिरमा, महोरा, नावापारा कला में पीएम आवास कागजों में पूर्ण हो चुका है और इसकी राशि भी ठेकेदारों द्वारा हितग्राही के पास से आहरण कर लिया गया है। पंचायत द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले ग्रामीणों को जल्दी बनाने की बात कह कर पंचायत के सचिव द्वारा फर्जी तरीके से जियो टेकिंग करके अधूरा आवास को पूर्ण बताया जा रहा है।

सूरजपुर जिले के अधूरे निर्माण व भ्रष्टाचार के मामले में चर्चित जनपद पंचायत प्रेमनगर अंतर्गत ग्राम बलदेव नगर के स्थानीय ग्रामीण सुखनंदन जिनको गांव वाले डोड़ नाम से पुकारते है शुखनंदन जाति के यादव है ये गाँव के मवेशी को चराने और मजदूरी करता है। इसका छोटा सा परिवार है। जो 2-3 रूम के कच्चा मकान में रहता है। इसका नाम से कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। इन्हें एक उम्मीद थी कि उनका घर अब पक्का का होगा, कच्चे मकान में प्रतिवर्ष लगने वाले मेन्टेन्स के खर्च से बचत होगा। ये पढ़ाई लिखाई नही किया है। इनके अशिक्षित होंने का फायदा आवास मित्र अरविंद यादव ने उठाया। अरविंद यादव आवास मित्र हुआ करते थे ये मूल निवासी प्रेमनगर जनपद क्षेत्र के ही ग्राम महेशपुर निवासी है। जनपद पंचायत ने इनको ग्राम विंध्यांचल, बलदेवनगर, सारस्ताल जैसे पिछड़ा ग्राम में पीएम आवास पूर्ण कराने का जिम्मा दिया गया था। यादव ग्रामीणों को जल्दी बनाने का दवाब बनाकर ठेकेदार बनकर आवास को स्वयं से जल्दी बनाने का झांसा देकर हितग्राहियों को बैंक खाता से आधार लिंक कराकर सरकार से मिलने वाले आवास का प्रोत्साहन राशि को अपने खाता में ट्रांसफर करा लिया करता था और आवास को जमीन पर अधूरा छोड़ कर कागजों में पूर्ण बता दिया जाता रहा है। कुछ इसी तरह से कारनामा यादव ने सुखनंदन के पास ऐसे ही किया, उनका पीएम आवास के लिए मिलने वाले राशि का ट्रासफर अंगूठा लगवाकर कर लिया गया, इस संबंध में शुखदेव ने कहा कि उसके अंगूठा लगवाया गया है। लेकिन कितना राशि आया था कितना आहरण हुआ इसकी जानकारी हमें नही है।

शुखनन्दन की धर्मपत्नी कहती है कि उन्होंने पूर्व आवास मित्र अरबिंद यादव से बात करनी चाही किन्तु वो इस सम्बंध में बात ही नही करना चाहता है। अरविंद के परिजन ये कहते है कि मेरे बेटे ने ठेका लिया था। जो करना है कर लो आवास डोर लेबल तक खड़ा तो कर दिया गया है लेकिन ऊपर का छत ढलाई नही हुआ है और ना ही प्लास्टर और गेट लगा है। शुखदेव और उनकी पत्नी बताते है कि घर की माली हालत ठीक नही है। घर में हमारे पास पैसे ही नही है। जिससे 2 वर्ष से अधूरे पड़े आवास को पूर्ण कराया जा सके। दस्तावेज में आवास की राशि में 110 हजार रुपये आहरण हुआ है और पूर्ण हो चुका है। खण्डहर में तब्दील होकर अधूरा पड़ा है।

जनपद क्षेत्र के विंध्यांचल, बलदेवनगर, सारस्ताल, हरियरपुर, महेशपुर, बकिरमा, महोरा, नावापारा कला में पीएम आवास कागजों में पूर्ण हो चुका है। और इसकी राशि भी ठेकेदारों द्वारा हितग्राही के पास से आहरण कर लिया गया है।

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