पुलिस स्वजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच में जुटी  

अंबिकापुर। शहर के अलग-अलग जगहों पर तीन युवकों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कोरिया जिले के शिवपुर चरचा निवासी युवक की लाश गांधीनगर थाना से करीब आधा किलोमीटर दूर अंबिकापुर-बनारस हाइवे के किनारे झाड़ी के टहनी में फांसी पर लटकी मिली। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया खुदकुशी मान रही है। पुलिस का कहना है मृतक पूर्व में बुधवार को भी खुदकुशी करने की कोशिश किया था, पर लोगों ने उसे देख लिया और उसे ऐसा नहीं करने की समझाइश देकर भेज दिया था। वहीं शहर के चांदनी चौक व नवागढ़ में दो युवकों ने अपने घरों में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दोनों की आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह गांधीनगर थाना से करीब आधा किलोमीटर दूर अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर स्थित सड़क किनारे झाडिय़ों की टहनी में एक युवक की लाश फांसी के फंदे पर लटके लोगों ने देखा और इसकी जानकारी गांधीनगर थाने में पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। मृतक का पैर घुटना तक जमीन में सटा था, वहीं मुंह से खून निकलने व चोट के निशान थे। घटनास्थल के पास एक बाइक पड़ी थी। पुलिस ने जब शव को फांसी से उतरवाकर तलाशी ली तो उसके जेब से एक आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में नाम तापेश्वर, पिता बुलेश्वर निवासी शिवपुर चरचा जिला कोरिया लिखा है। मृतक के जेब से मिले आधार कार्ड के जरिए गांधीनगर पुलिस ने शिवपुर चरचा थाना की पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। चरचा की पुलिस ने स्वजनों को घटना के बारे में बताया। सूचना पर स्वजन अंबिकापुर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतक का ससुराल मेंड्राकला में है, वह वहीं आया था। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे खुदकुशी मान रही है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
दो अन्य युवकों ने की खुदकुशी
शहर के चांदनी चौक का दिलहरन केवट 35 वर्ष बुधवार को अपने घर के शौचालय में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। स्वजन उसे फांसी के फंदे से उतार कर जीवित समझ इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक अन्य मामले में नवागढ़ निवासी छोटू राम 40 वर्ष फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। स्वजन उसे भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए, यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। दोनों मामले में अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र में मर्ग कायम किया गया है। दोनों के स्वजनों ने पुलिस को आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताया है।

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