नई दिल्ली: आपने कई तरह के बैंक देखे होंगे। देश में भी काफी बैंक हैं। कई सरकारी है। वहीं कुछ प्राइवेट बैंक भी हैं। इन सभी बैंकों के ऊपर रिजर्व बैंक होता है। इसी तरह से पूरी दुनिया में एक वर्ल्ड बैंक (World Bank) भी है। विश्व बैंक या वर्ल्ड बैंक एक अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट है। यह ग्लोबल लेवल पर बैंकिंग का काम करता है। इसी वर्ल्ड बैंक के नए चीफ बीते दिनों भारतीय मूल के अमेरिकी अजय सिंह बंगा बने हैं। वर्ल्ड बैंक का हेड ऑफिस वाशिंगटन, डीसी में है। वर्ल्ड बैंक (World Bank) अविकसित और विकासशीन देशों को फंड्स के साथ-साथ तकनीकी सहायता और नीति सलाह भी देता है, लेकिन क्या आपको पता है वर्ल्ड बैंक से देशों को जो लोन मिलता है उसपर कितना ब्याज देना पड़ता है? वर्ल्ड बैंक (World Bank) किस तरह से लोन देता है? कोन से देश हैं जिन्होंने वर्ल्ड बैंक से सबसे ज्यादा लोन ले रखा है। आईए आपको बताते हैं।

ऐसे हुई थी विश्व बैंक की शुरुआत

वर्ल्ड बैंक की स्थापना साल 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में अंतररार्ष्टीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ की गई थी। यह यूनाइटेड नेशंस का एक महत्वपूर्ण अंग है। वर्ल्ड बैंक (World Bank) आईएमएफ (IMF) और विश्व व्यापार संगठन के साथ मिलकर काम करता है। वर्ल्ड बैंक विभिन्न परियोजनाओं के लिए कम और मध्यम इनकम वाले देशों को लोन और ग्रांट प्रदान करता है। विश्व बैंक विशेष रूप से अविकसित देशों को विकास कार्यों के लिए लोन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बैंक 5 से 20 वर्ष की अवधि की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए लोन प्रदान करता है।

कितना देना पड़ता है ब्याज

वर्ल्ड बैंक दुनिया के देशों को अलग-अलग ब्याज दरों पर लोन देता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्ड बैंक भारत को करीब 3.10 फीसदी की ब्याज दर पर लोन देता है। हालांकि अलग-अलग तरह के लोन में यह ब्याज दर कम या ज्यादा हो सकती है। वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी इंटरनेशनल डेब्ट स्टेटिस्टिक्स 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले से गरीबी की मार झेल रहे देशों पर 2020 में 12% वृद्धि के साथ कर्ज 65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कोरोना संकट ने मुश्किलों को बढ़ा दिया है। भारत की ओर देखें तो देश पर 42.5 लाख करोड़ रुपये का विदेशी कर्ज है। ऐसे में देखें तो हर भारतीय के ऊपर 30,776 रुपये का कर्ज है। ये बोझ साल 2010 में 21.9 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन पिछले 10 साल में इसमें लगातार इजाफा हुआ है। अब 96% की वृद्धि के साथ 2020 में यह 42.5 लाख करोड़ रुपये हो गया था। इस पैसे में 84,254 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है।

Categorized in: