मनेंद्रगढ़ ! भारतीय जनता पार्टी मनेंद्रगढ़ मंडल के महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं से आग्रह करते हुए कहा है कि प्रदेश की भूपेश सरकार के खिलाफ 24 अप्रैल 2021 को अपने अपने घरों के सामने विरोध प्रदर्शन करें.जिससे कोरोना संक्रमण से निपटने में प्रदेश सरकार की नाकामी उजागर हो सके.उक्त आशय का बयान जारी करते हुए मंडल महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने समस्त कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृतव के दिशा निर्देश के तहत 24 अप्रैल 2021 शनिवार को दोपहर 2 से 4 बजे तक लॉक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने अअपने घरों के दरवाजे के सामने में भूपेश सरकार के द्वारा इस भीषण महामारी से निपटने के लिए इलाज की लचर ब्यवस्था एवं विफलता के कारण आम जनता के मन में जो भय और भ्रम ब्याप्त हो गया है उसे देखते हुए धरना दे कर इस सोई हुई कांग्रेस की भूपेश सरकार को जगाना है। जिसमें कांग्रेस सरकार के खिलाफ तख्ती में प्रमुख नारो को लिखकर अपने घर के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन करना है। नारो को तख्ती में लिखकर भूपेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन लॉक डाउन, सोशल डिस्टेंसिंग,एवं धारा 144 का पालन करते हुए उक्त कार्यक्रम को सफल बनाये!

कोरोना जांच के लिये किट तक नही, क्या कर रही प्रदेश सरकार

भाजपा मंडल महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने अपने बयान में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के कारण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. राजधानी रायपुर में किसी भी अस्पताल में नए मरीज़ों के लिए जगह नहीं है. ऐसे में जिंदगी की आस लेकर अपने बीमार परिजन को राजधानी रायपुर लेकर जाने वाले लोगों को निराशा हाथ आ रही है. छ.ग. की भूपेश सरकार के कुप्रबंधन के चलते लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है. मनेन्द्रगढ़ में हालात इतने खराब हैं कि यहां कोरोना जांच के लिये किट तक नही है. इससे समझा जा सकता है कि सरकार इस मसले पर कितनी गंभीर है. भाजपा महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने कहा है कि प्रदेश में लॉकडाउन के बीच अस्पतालों के बाहर मरीज़ों की कतार लगी हुई है. एंबुलेंस में, अस्पताल की सीढ़ियों पर, बरामदों में मरीज़ आक्सीजन सिलेंडर लिए बैठे हुए हैं. अस्पताल में भर्ती होने की उम्मीद में साथ आए परिजन दिलासा दे रहे हैं. और गंभीर मरीज़ों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले कर भागते और मिन्नत करते परिजन हर कहीं देखे जा सकते हैं. कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या के कारण राजधानी रायपुर के सबसे बड़े बाबा साहब भीमराव आंबेडकर अस्पताल के शव घर में नए शवों को रखने की जगह नहीं बची. ऐसे में साफ है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार सिर्फ जुमले बाजी करती रही. जिसके चलते संक्रमण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. लोगों को बेहतर उपचार नही मिल पा रहा है. कोरोना की शुरूआत बीते वर्ष मार्च महीने में हुई थी और यदि तब से इस विषय को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर होती तो आज स्थिति इतनी भयावह नही होती !

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