शनिवार को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महिला को कोविड वार्ड में भर्ती किया गया था

गिरजा ठाकुर
अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमित एक महिला की मंगलवार को अलसुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को गंभीर हालत में स्वजन लेकर अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक ने महिला को भर्ती करने की सलाह दी थी। नियमानुसार महिला को भर्ती करते समय कोविड जांच के लिए सेंपल लिया गया, जिसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे कोविड-19 वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था। मौत के बाद कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी।


जानकारी के मुताबिक सरगुजा जिले के सीतापुर ब्लाक के ग्राम जजगा की सीतापति केरकेट्टा पति सुरजन केरकेट्टा 38 वर्ष को बीमार हालत में स्वजन अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। यहां से रेफर करने पर उसे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से संबद्ध जिला अस्पताल लाया गया। जांच में महिला के दोनों किडनी फेल होने सहित खून की कमी, झटका, शुगर के फैलाव जैसी अन्य बीमारी सामने आई थी, जिस कारण वह बेहोशी की हालत में थी। चिकित्सक ने जांच के बाद मरीज की स्थिति गंभीर देखते हुए उसे भर्ती करने की सलाह दी और कोरोना सहित अन्य जांच कराने कहा गया। 27 अगस्त, शनिवार को महिला का जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उसे कोविड-19 वार्ड में पृथक से भर्ती किया गया, जहां कोविड के साथ अन्य बीमारी का उपचार चिकित्सक की देख-रेख में किया जा रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मौत की सूचना अस्पताल प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को दी और शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप करने के लिए सुपुर्द किया। बता दें कि जिस महिला की मौत हुई है, वह पहले से गंभीर बीमारी से ग्रसित थी। जांच में पॉजिटिव आने पर उसे सामान्य मरीजों से अलग कोविड-19 वार्ड में भर्ती किया गया था। ऐसे में बीमारी को ही चिकित्सक मौत का प्रमुख कारण मान रहे हैं


संभाग में अब तक कोरोना से 998 की मौत
सरगुजा संभाग में अब तक कोरोना से 998 लोगों की मौत हुई है। सरगुजा जिले में 30 अगस्त को एक दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमित जांच में सामने आए हैं, 16 लोगों ने होम आइसोलेशन में रहकर इलाज की अवधि पूरी की है। ऐसे में 30 अगस्त तक एक्टिव केस की संख्या 91 है। अब तक कुल 251 लोगों की मौत हुई है। संभाग की बात करें तो उक्त तिथि को कोरिया जिले में छह, सूरजपुर-बलरामपुर जिले में एक-एक, जशपुर जिले में दो पॉजिटिव केस सामने आए हैं। 42 लोगों में होम आइसोलेशन में इलाज की अवधि पूरी की है। 133 एक्टिव केस हैं। चारों जिले में अब तक कुल 747 लोगों की मौत हुई है।


लोगों में अब कोरोना का भय नहीं
कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद लोग सामान्य तरीके से जीवन-यापन कर रहे हैं। कोविड के प्रोटोकॉल से दूर नियमित दिनचर्या चल रही है। कोविड-19 के नियमों का अस्पतालों में मरीजों को भर्ती या ऑपरेशन के लिए ले जाने के पहले चिकित्सक ख्याल रखते हैं। ऐसे में गाहे-बगाहे कोरोना संक्रमित सामने आते हैं। एक समय कोरोना की रफ्तार ऐसी थी कि सामान्य बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या काफी कम हो गई थी। सबकी नजर कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या पर रहती थी। बच्चे, बूढ़े, जवान सभी कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों के देशभर से सामने आते आंकड़े और भयावह स्थिति को लेकर सशंकित रहते थे। ऐसे हालातों से उबरने पर लोगों की दिनचर्या कुछ सामान्य हुई, पर इक्का-दुक्का मौतें प्रदेश भर में हो रही हैं। दो गज की दूरी-मॉस्क है जरूरी स्लोगन पर पर्दा सा पड़ गया है।

Categorized in: