मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा)! शहर के लगभग आधे से ज्यादा वार्डों में कोरोना संक्रमित मरीजों का निकलना यह दर्शाता है कि एक ओर जहां शासन एवं प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण को लेकर अब लोगों के दिमाग में डर नाम की चीज नहीं रह गई है ! लोगों के द्वारा भी लापरवाही बढ़ती जा रही है जिसके कारण कोरोना संक्रमण तेजी के साथ अपना पा॑व पसार रहा है ! ।बताया जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक बीएमएस डॉक्टर के द्वारा लिखी लिखाई दवा की पर्ची व्हाट्सएप की जा रही है और उसी से कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
आज की स्थिति में कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन किया जा रहा है।होम आइसोलेशन करने की वजह से कोरोना के मरीज घर में न रह कर आस-पड़ोस तथा बाजार में भी खुलेआम घूमते दिख जाते हैं। जिससे मरीजों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है और स्थिति विस्फोटक बन सकती है।अब कोई भी सुरक्षित नही रह गया है हर किसी को कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है! इसके बावजूद भी लोग प्राथमिक सुरक्षा उपायो का पालन करते नहीं दिख रहे है। कोरोना संक्रमण की शुरुआत में ही मास्क सेनेटाइजर, हैण्डवास सोशल डिस्टेसिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये थे साथ ही कोरोना के लक्षण भी बताये गये थे ! लेकिन लोग लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे है। पहले जब कोरोना संक्रमण की दस्तक जिले में नहीं हुयी थी तब लोगो द्वारा ज्यादा सावधानी बरती जा रही थी ! अब जब कोरोना संक्रमण जिले व शहर के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है तब लोगो को ज्यादा डर नहीं रह गया है! शायद इसी कारण ही लोग सावधानी नहीं बरत रहे है। कोरोना काल की शुरुवात में जब 21 दिनों का पूर्ण लाकडाउन घोषित किया गया था तब से लेकर आज तक की स्थितियों पर नजर डाले तो यह स्पष्ट हो जाता है कि जब संक्रमण कम था तो सख्ती ज्यादा थी और अब जब कोरोना संक्रमण काफी ज्यादा हो गया है तो शासन प्रशासन द्वारा सख्ती कम कर दी गई है। पहले दुकानों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं करने पर जांच कार्रवाई होती थी अब नहीं हो रही है! पहले कोरोना मरीज मिलने पर पूरे वार्ड के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाता था और अब कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तो सिर्फ मरीज के घर के आसपास को कंटनेंमेंट जोन बनाया जाता है । पहले मरीज के घर के आस पास के घर व गली को भी सील किया जाता था और अब अधिकांश केस में कंटेनमेंट जोन बनाया ही नहीं जा रहा है । मरीज के निवास व दुकान के रास्ते तक को सील या सेनेटाइज करने पर ध्यान तक नहीं दिया जाता है।अब बिना मास्क वालो की जांच भी थम गयी है ! कोरोना पॉजिटिव मरीज अधिक बढ़ रहे हैं तो ज्यादा छूट भी दे दी गई है ! अब रात 9 बजे के बाद भी दुकानें खुली रहती है ! अब शासन के दिशा निर्देशों का पालन ना तो दुकानदार कर रहे हैं और ना ही लोग कर रहे हैं ! लोग खुलेआम बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं वही चौक चौराहो , होटल ढाबो में लोगो की देर रात तक भीड़ जमी रहती है । इस प्रकार अब कहा जा सकता है कि कोरोना संक्रमण से बचने न लोग ध्यान दे रहे है और न ही प्रशासन ध्यान दे रहा है । लोगों की खुद की लापरवाही से कोरोना संक्रमण तेजी के साथ अपना पांव पसार रहा है ! मनेंद्रगढ़ शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीज कोई न कोई पाए जा रहे हैं !

Categorized in: