अम्बिकापुर – सदी के इस बहुत बड़े महामारी में सरगुजा संभाग के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई हैं। दूरस्थ सरगुजा संभाग में चिकित्सा के अभाव को देखते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एवं तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने सरगुजा अंचल को मेडिकल काॅलेज के रुप में एक बहुत बड़ी सौगात दी थी, और छत्तीसगढ़़ के हेल्थ मंत्री सरगुजा से बनने पर पूरे सरगुजा संभाग को बहुत उम्मीद थी कि अम्बिकापुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल जो स्वास्थ्य मंत्री के होम टाउन में हैं वह एक माॅडल के रुप में पूरे छत्तीसगढ़ ही नही पूरे भारत वर्ष में एक माॅडल के रुप में जाना जायेगा, परंतु इस कोरोना महामारी ने हेल्थ मंत्री की योग्यता एवं संभाग के लोगो की जीवन रक्षा की सोच को उजागर कर दिया हैं।
स्वास्थ्य मंत्री की हठधर्मिता के कारण आयुष्मान कार्ड का लाभ न मिलना एवं वैक्सीन को डंप करके रख देना ने भी आम नागरिकों को बहोत नुकसान पहुॅचाया हैं। नगर के प्रथम नागरिक महापौर डाॅ0 अजय तिर्की जो स्वयं चिकित्सक है वे भी व्यवस्था सुधारने की गुहार लगा रहे है, जबकि उन्हे नगरनिगम की अनेक सर्वसुविधायुक्त भवन जो खाली पड़े है, उसमे सारी व्यवस्था उपलब्ध कराकर 100 बिस्तरीय कोविड सेंटर प्रारंभ कर शहर के लोगो की चिंता करते हुये सुविधाएं देने का प्रयास करना चाहिए और शहरीय क्षेत्रो में शत् प्रतिशत टिकाकरण करने को निगम के पूरे अमले के साथ जुट जाना चाहिए।
विगत् सवा दो वर्षो में 166 पदो पर नर्सो की भर्ती की प्रकिया पूरी कर नर्सो की कमी से मेडिकल काॅलेज अस्पताल को निजात दिलाने की बात हो या फिर इस महामारी काल में संभाग के सभी जिला अस्पतालों में वायरोलाॅजी लैब के स्थापना की बात हो , आॅक्सीजन प्लांट से लेकर मरीजो को आॅक्सीजन सप्लाई देने की बात हो, टेस्टिंग होने के बाद 04 से 06 दिन में रिपोर्ट आने की बात हो, गुणवत्तापूर्वक भोजन एवं पानी की बात हो, सफाई व्यवस्था की बात हो, सभी व्यवस्था आज फेल हैं। जिला मेडिकल काॅलेज अस्पताल में बार-बार दौरा करने एवं मिटिंग लेने के बाद भी यहाॅ की समस्याएॅ दिखी क्यो नही और यदि दिखी तो उसका निराकरण क्यो नही किया गया और आज जब मीडिया के अनुसार 149 मौते जिला मेडिकल काॅलेज अस्पताल में हो चूकी हैै, ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का खुद निरीक्षण न कर कांग्रेस के पदाधिकारीयों की टीम भेजना लापरवाही एवं गैरजिम्मेदारी दर्शाता हैं। आज पूरे प्रदेश में 03 दिन के लिये आरटीपीसीआर कि जाॅच बंद किया जाना एवं हजारो जाॅच की रिपोर्ट पेंडिंग होना भी छत्तीसगढ़ सरकार की असफलता का प्रमाण हैं। ऐसे मंे जब छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की विदाई हो रही थी उस समय हजारो की भीड़ और फ्री पास बांटकर रायपुर में क्रिकेट आयोजित कर छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर से छत्तीसगढ़वासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर पूरे छत्तीसगढ़ को मौत के मुॅह में धकेल दिया हैं। जरुरत इस बात की है कि आॅक्सीजन, आईसीयू बेड की बृद्वि आरटीपीसीआर की निरंतर अधिक से अधिक जाॅच हो एवं दूसरे दिन रिपोर्ट मिले, सभी जिलो में वायरोलाॅजी लैब की स्थापना हो तभी हम इस महामारी से लड़ सकेंगे। इस पुनित कार्य में भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता बढ़-चढ़ कर सहयोग देने को तैयार हैं, उनकी भी सेवाओं का लाभ लेकर इस महामारी पर विजय पाने की जरुरत है, अन्यथा सरगुजा अंचल की जनता ऐसे घोर गलती पर कभी माफ नही करेगी।

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