सूरजपुर। जब से प्रदेश में कांग्रेस कि सरकार आई है तब से  अजीबो गरीब परिस्थितियां निर्मित हो रही है। नरवा गरवा घुरवा बाड़ी की बात करने वाली सरकार अगर वाकई नरवा संरक्षित करने की बात करती तो नदियों से अवैध रेत उत्खनन की छूट अपने कार्यकर्ताओं को प्रदान नहीं करती। उक्त बातें भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रितेश गुप्ता ने विज्ञप्ति जारी कर कही है। उन्होंने कहा कि जेसीबी पोकलेन जैसी बड़ी मशीनें लगाकर नदियों को तालाब का स्वरूप दिया जा रहा है।नदियों का सीना छलनी कर छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को अन्य प्रदेशों में भेजा जा रहा है और अगर प्रशासन नाम की कोई चीज बाकी है तो उनके होंठ क्यों सिले हैं और उनके हाथ क्यों बंधे है। शायद इस सरकार को पुर्वाभाष हो गया है कि अब इनका जाना लगभग तय है नहीं तो यह सरकार लूट सको तो लूट लो की तर्ज पर क्यों चलती।एक तरफ मुख्यमंत्री हुक्का बार बंद कराने की बात कर वाहवाही लूट रहे हैं मगर जनता ना तो लॉकडाउन में घर पहुंच शराब सेवा को भूली है और ना ही प्रदेश में बढ़ रहे गांजा तस्करी, फैंसीडील, कोरेक्स, ड्रग्स, इंजेक्शन, आधुनिक नशा से होने वाले युवाओं की बर्बादी किसी से छिपी है। मगर सरकार अपने में मस्त है। वैट पर जब भाजपा चक्का जाम करती है तो डीजल में ₹1.45 पैसे पेट्रोल में 77 पैसे दर कम कर। नाखून कटा कर शहीद होने जैसा दिखावा करती है।इस सरकार का एहसान पता नहीं छत्तीसगढ़ की जनता कैस चुकाएगी। प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर लटका कर मानसिक प्रताड़ना प्रदान करने का कार्य सरकार के द्वारा किया जा रहा है जिससे युवाओं में  सरकार के प्रति खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। जब असम के चुनाव आते हैं जब यूपी के चुनाव आ रहे हैं तब अचानक से सीमेंट के रेट आसमान छूने लगते हैं छत्तीसगढ़ को एटीएम मशीन के रूप में इस्तेमाल किया जाना किसी से छुपा नहीं है। युवाओं को रोजगार देने की बात करने वाली इस सरकार में युवा रोजगार का रोना रो रहा है किंतु मुख्यमंत्री,मंत्री, मेरी कुर्सी, मेरी कुर्सी की रट लगाए कुर्सी दौड़ खेलने में व्यस्त हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की जनता इसका हिसाब करेगी और बराबर करेगी।

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