युवती व उसकी बहन के नाम खरीदा कीमती मोबाइल और फाइनेंस कराया स्कूटी भी
अंबिकापुर। इंटरनेट मीडिया में युवती से परिचय होने के बाद युवक पहले तो शादी का झांसा देकर परिवार के सदस्यों को विश्वास में लिया, बाद में युवती सहित उसके परिचितों व बहन से नौकरी लगवाने एवं मुर्गी फार्म व्यवसाय के नाम पर लोन दिलाने के नाम पर 4 लाख 45 हजार 800 रुपये की धोखाधड़ी कर लिया। रिपोर्ट पर लुंड्रा थाना पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध केस पंजीबद्ध कर लिया है।
लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम डडगांव निवासी युवती ने पुलिस को बताया है कि जनवरी 2024 में फेसबुक, सोशल मीडिया के माध्यम से उसका पहचान ललित दास मानिकपुरी पिता भगत दास निवासी कोटवार गली, मौलाना आजाद वार्ड नंबर 10, सारंगढ़ रायगढ़ से हुआ था। दोनों का मोबाइल एवं फेसबुक में बातचीत होता था। इसी बीच ललित दास ने एक ही जाति के होने की बात कहकर शादी करने की बात कहते हुए उसे विश्वास में लिया और बीते 14 फरवरी को उसके घर डडगांव पहुंच गया। इस दौरान वह खुद को कुंवारा बताते हुए भारत फाइनेंस कंपनी रायगढ़ में काम करने की जानकारी दिया था। युवती के स्वजन उसकी बातों पर विश्वास कर लिए। दो-तीन दिन रूकने के दौरान शादी की बात हुई, जिस पर दोनों पक्ष ने सहमति दिया था, इसके बाद ललित मोबाइल से युवती के संपर्क में रहता था। कुछ दिन बाद वह अपना स्थानांतरण अंबिकापुर करवाने की बात कहते हुए 18 मार्च को पुन: रायगढ़ से अंबिकापुर आया और रूकने की व्यवस्था नहीं होने व स्वास्थ्य खराब होने की बात कहते हुए युवती के यहां रहने लगा। 24 मार्च को वह स्वयं का इलाज कराया। इस दौरान गांव के अन्य लोगों से भारत फाइनेंस में बीएम के पद पर कार्यरत रहने की बात कहकर एक योजना के तहत मुर्गी फार्म के व्यवसाय हेतु 20 लाख रुपये का लोन दिला देने का झांसा दिया और बताया कि लोन की रकम में से 07 लाख रुपये छूट मिलेगा। इसके बाद गांव के लोग लोन लेने के लिए राजी हो गए। यहां से ठगी का सिलसिला शुरू हुआ और कोटेशन बनवाते समय बड़े साहब को कमीशन और अन्य खर्च होने की बात कहकर गुलशन, उर्मिला नाई, सुलोचिनी दास, महेन्द्र दास, राजेश दास से 30-30 हजार रुपये एवं शाहिल लकड़ा से 3800 रुपये ठगी कर लिया। इस बात से युवती और उसके परिवार वाले अनजान थे। इधर युवती व उसके स्वजनों को पता चला कि ललित दास के द्वारा गांव वालों से मुर्गी फार्म के व्यवसाय हेतु लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रुपये लिया गया है, जैसे ही ललित को पता चला कि उसके करतूत का पर्दाफास हो गया है, तो वह स्कूटी एवं मोबाइल लेकर डडगांव से फरार हो गया। ठगी के इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।
जहां ठिकाना बनाया, उस परिवार को भी नहीं छोड़ा
युवती की बहन पूर्व में सीआरपीएफ एवं एसएससी में नौकरी के लिए फार्म जमा की थी, इसकी जानकारी ललित दास को थी। इसका फायदा उठाते हुए वह सीआरपीएफ में नौकरी लगवा देने की बात कहकर विभाग के बड़े अधिकारियों के द्वारा रुपये की मांग करने की बात कहते हुए नगद 70 हजार रुपये एवं फोन-पे के माध्यम से 01 सितम्बर को 40 हजार रुपये एवं बीच-बीच में टुकड़ों में छिटपुट रकम कुल एक लाख 50 हजार रुपये ले लिया। यही नहीं युवती की बहन के नाम पर 40 हजार रुपये का ओप्पो मोबाइल भी फाइनेंस करा लिया और पूरा दस्तावेज नौकरी लगवाने की बात कहकर अपने पास रख लिया। इस बीच ड्यूटी में आने-जाने में दिक्कत होने की बात कहकर वह 19 जून को लुण्ड्रा स्थित जसवानी होण्डा मोटरसाइकिल शोरूम से होण्डा एक्टिवा स्कूटी 19 हजार रुपये डाउन पेमेंट करके युवती के नाम से फाइनेंस करवाया था।

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