तमाम कारनामों को नजरअंदाज करने वाले महाप्रबंधक को इससे कोई लेना-देना नहीं
जरही। सूरजपुर जिला अंतर्गत भटगांव एसईसीएल क्षेत्र में ठेका मजदूरों के वेतन में घपला और इनसे नियम विरुद्ध कार्य कराने, निकालने की बातें किसी से छिपी नहीं है। ठेका मजदूरों का पीएमई और व्हीटीसी नहीं कराते हुए इन्हें किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ठेका मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने पर प्रताड़ित करने और सारे नियम कानून और शासन-प्रशासन सहित जांच एजेंसियों को मु_ी में रखते हुए मनमानी पर एसईसीएम आमदा है। इधर कोल ट्रांसपोर्ट के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कोल ट्रांसपोर्टिंग का काम किया जा रहा है। मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि सड़क पर चलना आम जनता के लिए दूभर है।
कोल ट्रांसपोर्ट में लगी वाहनें यमराज बनाकर सड़क पर दौड़ रही है। इन वाहनों के चपेट में कब कौन आ जाएगा, कह पाना मुश्किल है। क्षेत्र में आधा दर्जन स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चों के अलावा उच्च कक्षाओं में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं। इसके बाद भी इनकी गति में लगाम नहीं लगना कभी भी बड़े हादसे का कारक बन सकता है। प्रशासन व यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने वालों का ध्यान इस ओर नहीं है। ऐसे में लोगों के जुबां से निकल रहा है कि इन्हें भी बेसब्री से किसी बड़ी घटना का इंतजार है। सड़क में आवारा पशु तो आए दिन इन वाहनों की पहियों के नीचे आकर या ठोकर से दम तोड़ रहे हैं। ग्राम पंचायत बरौधी, ग्राम पंचायत बंशीपुर के मुख्य मार्ग में ऐसा नजारा आए दिन देखने को मिलता है। वाहन चालक बोनस के लालच में अधिक ट्रिप लगाने आतुर रहते हैं। एसईसीएल के महाप्रबंधक सहित स्थानीय प्रशासन को इसकी चिंता नहीं है। यदि कोई गंभीर दुर्घटना हो जाए तो समझौता करवाने के लिए कई चेहरे सामने आ जाते हैं, लेकिन ऐसे हादसे न हों, इसे रोकने के लिए कोई सामने नहीं आता है। काले हीरे की नगरी में वर्तमान महाप्रबंधक इन सबके बीच जलवा बिखेरने में लगे हैं।

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