रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरेना संक्रमण का का बड़ा असर दीया के रेट पर पड़ा पिछले वर्ष की तुलना इस बार दिया कि रेट में 100% की कमी आ गई। पिछले वर्ष जहां 150 से 200 प्रति सैकड़ दीया बिका था तो वहीं इस बार 60 से लेकर ₹80 प्रति सैकड़ दिया बिक रहा है। दीया का रेट गिरने से दीया बेचने वालों के चेहरे मुरझाए हुए थे।

                                           गौरतलब है कि नगर में दीपावली के समय दीया की अच्छी खासी बिक्री रहती थी। वही दीया का रेट भी ठीक-ठाक मिल जाता था परंतु इस बार लॉकडाउन के कारण दीया अधिक मात्रा में बना वही दीया बनाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ जिसका नतीजा बाजार में यह हुआ कि रेट में 100% की कमी आ गई वह भी दीया बचने के भी आसार हैं पिछले वर्ष जहां डेढ़ सौ रुपए प्रति सैकड़ा से लेकर ₹200 प्रति सैकड़ा तक दिया बिका था।वहीं इस बार ₹60 प्रति सैकड़ा से ₹80 प्रति  बिक रहा है। पहले जहां दिया सिर्फ मध्य बाजार में हनुमान मंदिर के समीप बिकता था वहीं इस बार दिया बेचने वालों की संख्या में इजाफा हुआ तो दीया गांधी चौक एवं जयस्तंभ चौक के पास भी बिक रहा है। दीया बेच रहे बिंदु प्रजापति एवं सुरेश प्रताप ने बताया कि हम लोगों को अपने मेहनत का मूल्य नहीं मिल पा रहा है वही ऐसा लग रहा है कि दीया भी इस बार बच जाएगा।

दीया बेचने वालों के चेहरे हैं मायूस- दीया के रेट में 100% की कमी आने से दिया बेचने वालों के चेहरे मायूस है। जहां उन्हें अपने श्रम का पर्याप्त मूल्य नहीं मिल पा रहा है। वही दीया बेचने वालों की संख्या में इजाफा होने से अब इस बात का उन्हें भय भी सता रहा है कि दिया कहीं  बच भी न जाए।

झारखंड से भी आए दिया बेचने- पहले जहां सिर्फ रामानुजगंज के कुम्हार लोगों के द्वारा दिया बेचा जाता था।वहीं इस बार झारखंड के गोदरमाना एवं आसपास गांव के कुम्हार भी रामानुजगंज में दीया बेचने आय। इस कारण भी दीया का रेट गिर गया

लॉकडाउन में घर में रहकर बनाया अधिक दीया- लॉकडाउन के दौरान जब लोग अपने घरों में थे तब कुम्हार के द्वारा दीया बनाया गया जो अधिक मात्रा में बन गया अब उसे कैसे पूरा बेचे उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

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