भैयाथान एसडीम व प्रभारी तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी…

सूरजपुर- जिस बंजा स्थित क्वारंटाईन सेंटर से सप्ताह भर के अंदर तीन मासूम व एक महिला समेत चार लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है उस क्वारंटाईन सेंटर से बीती रात सात मजदूरों के भाग जाने से हड़कंप मच गया है। अब भागे इन मजदूरों को खोजने में प्रशासन जुटा हुआ है। दूसरी ओर दो दिनो पूर्व बंजा स्थित क्वारंटाईन सेंटर से छः महिलाएं भी भाग गई थीं जिससे प्रशासन पहले तो इंकार करते रहा पर आज इस मामले में डाॅक्टर पर कार्रवाई की गाज गिरी है। भैयाथान जनपद क्षेत्र के बंजा स्थित एकलव्य विद्यालय को प्रशासन द्वारा क्वारंटाईन सेंटर बनाया गया है। जिसमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर क्वारंटाईन किए गए है। पिछले कई दिनो से यह क्वारंटाईन सेंटर सुर्खियों में बना हुआ है। पहले जहां छः महिलाएं यहां से भाग गईं तो वहीं दूसरे दिन बदइंतजामी को लेकर कुछ मजदूरों ने हंगामा भी किया। बताया जाता है कि शुक्रवार को मजदूरो के इस हंगामे के कारण प्रशासन ने क्वारंटीन किए गए मजदूरो को घर भेजने का फैसला लिया था। परन्तु देर शाम तक वाहन की कोई व्यवस्था नही बन पाने के कारण उन्हे रोक दिया गया था। परन्तु शुक्रवार की रात को यहां से सात मजदूर खिड़की तोड़ कर भाग निकलें है। जिससे प्रशासन सकते में आ गया है।

ओड़गी व मध्यप्रदेश के सिंगरौली के थे मजदूर- जिन मजदूरों के भागने की बात सामने आ रही है वे मजदूर ओड़गी ब्लाक के ग्राम कुबेरपुर सपहा व मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बताए जा रहें है। उक्त मजदूर हैदराबाद से यहां लौटे थे जिन्हे क्वारंटाईन किया गया था। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के मजदूरों के यहां क्वारंटाईन किए जाने की बात पर यह तथ्य सामने आया है कि उन मजदूरों ने भी प्रारंभिक जो अपनी जानकारी दी थी उसमें सूरजपुर जिले का हवाला दिया था। बाद में उन्होने खुद को मध्यप्रदेश का होना बताया था।

बंजा स्थित क्वारंटाईन सेंटर को कंटेनमेन जोन घोषित किया गया है यहां से एक महिला व तीन मासूम पिछले एक सप्ताह के अंदर कोरोना संक्रमित पाए गए है। जिन्हे उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है। उसके बाद से ही यह सेंटर सुर्खियों में बना हुआ है।

क्वारंटाईन सेंटर पहुंचे कलेक्टर एसपी- सात मजदूरों के भागें जाने की घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा व पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुकरेजा बंजा पहुंचे थे। जहां उन्होने घटना की जानकारी ली और सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा करते हुए पुख्ता करने के निर्देश दिए है।

डाॅक्टर पर गिरी गाज- दो दिनो पूर्व इस क्वारंटाईन सेंटर से छः महिलाएं भी भाग गई थीं। उस दौरान प्रशासन भागने की घटना से इंकार करते हुए उन्हे घर भेजने की बात कर रहा था। परन्तु आज अचानक नाटकीय घटना क्रम में यहां तैनात चिकित्सक बृजेश कुशवाहा का एक इंक्रीमेंट रोकते हुए उन्हे मोहरसोप में अटैच कर दिया गया है। बताया गया है कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने गुरूवार को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया था और आज उन पर यह कार्रवाई की गई है।

हैदराबाद से लौटे व्यवसायी के साथ पांच अन्य लोग भी भेजे गए क्वारंटाईन- इधर नगर के केतका रोड के एक व्यवसायी को भी क्वारंटाईन किया गया है। बताया गया है कि केतका रोड के व्यवसायी के घर से पिता पुत्र समेत एक महिला, एक चालक और दो पंडितों को भारी बवाल के बाद देर रात प्रशासन ने आंनद रिहंदम स्थित पेड क्वारंटाईन सेंटर भेजा गया है। बताया गया है कि उक्त व्यवसायी के परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम था जिसे लेकर परिवार हैदराबाद गया हुआ था। वहां से लौटने के बाद रायगढ़ जिले में इस परिवार के कुछ सदस्य संक्रमित पाए गए है। ऐसी खबरें है, इसके बाद से प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसकी पुष्टि मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.आर.एस. सिंह ने की है।

पुलिस को मिली सफलता, ओड़गी में मिले सात मे से पाँच मजदूर- बंजा क्वारंटाईन सेंटर से भागे सात में से पांच मजदूर ओडगी से पकड़ लिए गए है। जिन्हे फिर से बंजा क्वारंटाईन सेंटर भेज दिया गया है। घटना के बाद से ओड़गी, बिहारपुर, भैयाथान आदि पुलिस को भागे मजदूरों के तलाश हेतु सक्रिय किया गया था। ओड़गी पुलिस ने तलाशी के दौरान एक होटल में नास्ता कर रहे पांच संदिग्ध लोगों से पूछताछ की तो वे पकड़े लिऐ गए। वही दो मजदूरों का अभी पता नही चल पाया है। उनकी तलाश की जा रही है। मजदूरों ने बताया कि रात करीब ढ़ेड बजे के आसपास खिड़की की सलाखों को उखाड़ कर निकल भागे थे। पुलिस ने उन्हे फिर से स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया है। जिन्हे 108 से बंजा ले आया गया है। मजदूरों ने अभी यह नही बताया है कि भागने की वजह क्या थी। वहीं मजदूरों के भागने के मामले को कलेक्टर रणवीर शर्मा ने बेहद गम्भीरता से लिया है और भैयाथान एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत व डिप्टी कलेक्टर व भैयाथान प्रभारी तहसीलदार बजरंग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर श्री शर्मा इसे गंम्भीर चूक माना है।

सुत्रों की अगर मानें तो वही इस मामले में भागें मजदूरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया गया एंव सचिव ,पटवारी आरईओ को निलंबित कर दिया गया है।

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