ओरिएंटेशन में स्नाकोत्तर पूर्वाद्ध व स्नातक द्वितीय, तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के खिले चेहरे
अंबिकापुर। युवाओं से संवाद के बाद ऊर्जा मिलती है, क्योंकि युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। उक्त बातें बुधवार को श्री साईं बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में स्नाकोत्तर पूर्वार्द्ध और स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान श्री साईं शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कही। उन्होंने कहा कि समाज सिर्फ व्यक्ति को चाहता है और यह सफलता विद्यार्थी के त्याग और निष्ठा से मिलती है। उन्होंने कहा कि सफलता आत्म अनुशासन की बुनियाद पर तैयार होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब लागू हो चुकी है। विद्यार्थी को नए दौर के लिए तैयार होना है।
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साईं नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में युवाओं के लिए अपार संभावनायें हैं। विद्यार्थी को सार्थक, सकारात्मक प्रयास करना होना। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं के बाद अब सेमेस्टर पद्धति लागू हो चुकी है। विद्यार्थी और शिक्षक दोनों को लगातार पठन-पाठन से जुड़े रहना होगा। प्रत्येक को सफलता के लिए नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में खुशियों की तलाश अपनी परिश्रम और निष्ठा से कीजिए। विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए एडऑन कोर्स संचालित हैं जो बहुआयामी बनाएंंगे। उन्होंने माउंटेन मैन दशरथ माझी की निष्ठा और अबाध श्रम की तारीफ करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम को सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी और वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष राकेश सेन ने गीतों से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर लाइफ साइंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य के अलावा सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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