रायपुर: ईडी के छापे के बाद पवन खेड़ा की गिरफ्तारी से गरमाई सियासत के बीच शुक्रवार से शुरू हो रहे अपने 85वें प्लेनरी अधिवेशन के दौरान कांग्रेस देश में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को लेकर मोदी सरकार पर बेहद आक्रामक हमला करेगी। कांग्रेस ने एलान किया है कि वह अपने राजनीतिक प्रस्ताव में देश में अघोषित आपातकाल होने की बात उठाएगी। विपक्ष की एकजुटता की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर यह भी स्पष्ट किया है कि भाजपा के साथ पर्दे के पीछे से सहयोग का राजनीतिक खेल खेलने वाले दलों को विपक्षी गठबंधन में दोहरा दांव खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

भाजपा के विरुद्ध साहसिक लड़ाई के लिए मुखर रूप से मैदान में उतरना विपक्षी खेमे का हिस्सा बनने की कसौटी होगी। कांग्रेस प्लेनरी सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव सबसे अहम होगा जिसमें विपक्षी गठबंधन की तस्वीर को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया जाएगा और सत्र के आखिरी दिन पांच सूत्री घोषणा के रूप में 2024 के लिए रोडमैप का एलान होगा। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने विपक्षी एकता के लिए मोदी सरकार के विरुद्ध मुखर रूप से सामने आने को पहली शर्त बताते हुए कहा कि इसके साथ ही साझा साकारात्मक कार्यक्रम भी देना होगा।

भाजपा से बचने और छिपे रहने की राजनीति करने वाले दलों के लिए विपक्षी खेमे में जगह नहीं होगी। अदाणी मामले में जेपीसी जांच की विपक्ष की मांग से तृणमूल कांग्रेस के सहमत नहीं होने की ओर इशारा कर जयराम ने ममता बनर्जी के दोहरे राजनीतिक दांव को स्वीकार नहीं करने का स्पष्ट संदेश दिया। सत्र के दौरान 25 फरवरी को राजनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय विषय पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। कृषि और किसान कल्याण, युवा और रोजगार तथा सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण के तीन अन्य प्रस्ताव आखिरी दिन पारित किए जाएंगे।

राजनीतिक प्रस्ताव में लोकतंत्र पर प्रहार का उल्लेख किए जाने की बात उठाते हुए जयराम ने कहा संसद में हम बोलते हैं तो हमारी बातों को रिकार्ड से निकाल दिया जाता है। बाहर बोलने पर एफआइआर दर्ज कर पार्टी नेताओं को गिरफ्तार किया जाता है। इसे अघोषित आपातकाल नहीं तो और क्या कहा जाएगा। यह कांग्रेस महाधिवेशन को बाधित करने की भाजपा सरकार की कोशिश है, मगर हम न इससे डरने वाले हैं और न ही अदाणी मामले में चुप रहने वाले।

जयराम ने कहा कि जी-20 बैठकों के लिए भारत को हर जगह सरकार लोकतंत्र की जननी बता रही है, मगर इसी जननी में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट को आखिरी किरण बताते हुए उन्होंने कहा कि खेड़ा को अंतरिम राहत प्रदान कर शीर्ष अदालत ने दर्शाया है कि सत्ता के तमाम दबावों के बावजूद वह अपनी भूमिका निभाने के लिए खड़ी है। सुप्रीम कोर्ट के दखल ने साबित किया कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका की कितनी जरूरत है। हम राजनीतिक प्रस्ताव में अघोषित आपातकाल की स्थिति पर चर्चा कर प्रस्ताव का हिस्सा बनाएंगे।

प्लेनरी सत्र के पहले दिन शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे संचालन समिति की बैठक शुरू होगी जो प्लेनरी का एजेंडा तय करेगी। इसी बैठक में कार्यसमिति का चुनाव होगा या नहीं, इसका निर्णय हो जाएगा। शाम चार बजे प्लेनरी से जुड़ी विषय समिति प्लेनरी की चर्चाओं के मसौदे को मंजूरी देगी। जयराम ने कहा कि कार्यसमिति के चुनाव की सारी तैयारियां हैं, चुनाव का फैसला होता है तो इसे कराने में कोई दिक्कत नहीं है।

हालांकि पार्टी प्रतिनिधियों के बीच चल रही चर्चाओं से साफ है कि कांग्रेस अध्यक्ष को कार्यसमिति के सदस्यों के मनोनयन का अधिकार देने का प्रस्ताव प्लेनरी में पारित करने की तैयारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 25 फरवरी को प्लेनरी सत्र के औपचारिक उद्घाटन के दौरान पार्टी की 2024 की दशा दिशा की रूपरेखा रखेंगे। पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसी दिन सत्र को संबोधित करेंगी, जबकि राहुल गांधी आखिरी दिन 26 फरवरी को प्लेनरी में अपनी बात रखेंगे।

Categorized in: