छ.ग.फ्रंटलाइन
अंबिकापुर। आयकर विभाग की कार्रवाई चौथे दिन भी नहीं थमी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत व उनके करीबियों के यहां आयकर विभाग के अधिकारी डटे हंै। आईटी की टीम अंबिकापुर शहर के उन सभी शख्सियतों के घर तक पहुंच चुकी है, जो लंबे समय से शहर व आसपास के क्षेत्र में जमीन का कारोबार करते आ रहे हैं। यह भी बात छनकर सामने आ रही है कि आईटी के रडार में पूर्व खाद्य मंत्री के करीबी जमीन के कारोबारी के साथ भाजपा से जुड़े जमीन के कारोबारी भी आने लगे हैं। शहर के एक बड़े ठेकेदार के निवास में भी आईटी की टीम के पहुंचने की खबर है। चार दिन से अंबिकापुर, मैनपाट, राजपुर, सीतापुर, रामानुजगंज में जगह-जगह डटी आईटी की टीम की जांच से खलबली मच गई है। ऐसे में कारोबार के आड़ में अवैध तरीके से बड़ी धनराशि अर्जित करने वालों में शामिल लोगों में किसके यहां, कब आईटी के अधिकारी पहुंच जाएंगे, कहना फिलहाल मुश्किल है। पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से जुड़े कुछ चेहरे भूमिगत हैं। अंबिकापुर शहर व आसपास बंगाली पुनर्वास भूमि की खरीद-फरोख्त में कई लोगों का नाम सामने आया हैं। इनसे भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को जिन लोगों से आईटी की टीम पूछताछ कर रही है, वे पुनर्वास की भूमि के खरीद-फरोख्त का कारोबार वर्षों से करने में लगे हैं। इनसे न सिर्फ कांग्रेस से जुड़े लोग बल्कि कई भाजपा नेता भी शामिल हैं।
कई खास आ चुके जांच के दायरे में
चार दिनों से चल रही आईटी की जांच में पूर्व मंत्री के कई खास जांच के दायरे में आ चुके हैं। आईटी की एक टीम अमरजीत भगत के करीबी एवं राज्य गौ सेवा आयोग के सदस्य रहे कांग्रेस नेता अटल यादव के घर मैनपाट में शुक्रवार से ही डटी है। लकड़ी व्यवसायी राजीव अग्रवाल के घर में भी शुक्रवार से चल रही जांच दूसरे दिन भी जारी रही। अमरजीत भगत के निज सहायक राजेश वर्मा, फ्रेंकलिन टोप्पो, सिविल इंजीनियर प्रमोद टोप्पो व उनके करीबी रहे एसआई रूपेश नारंग भी आईटी की जद से बाहर नहीं निकल पाए हैं। इनसे अभी भी पूछताछ चल रही है। पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के रायपुर बंगले एवं करीबी व्यापारियों के ठिकानों में भी जांच टीम डटी हुई है।
कोयला घोटाले के सूत्रधार की डायरी में है नाम
बता दें कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले के सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी की डायरी में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का नाम और 50 लाख रुपये लेने का उल्लेख है। 17 जनवरी को ईडी द्वारा कराए गए एफआइआर में दर्ज नामों की सूची में अमरजीत भगत का नाम भी आरोपितों में शामिल है। इसके बाद 31 जनवरी की सुबह मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की आईटी टीम के अलग-अलग अधिकारियों ने पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के रायपुर, अंबिकापुर व विधानसभा क्षेत्र सीतापुर स्थित आवास के अलावा निज सहायक, करीबी एसआइ, व्यवसायियों के रायपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की गई।

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