राजेन्द्र ठाकुर/बलरामपुर
बलरामपुर जिले के खड़ियादामर ग्राम पंचायत बचवार की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अंजू यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का खुलासा कर हड़कंप मचा दिया है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जहां निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं, वहीं इसका सीधा खामियाज़ा मासूम बच्चों को उठाना पड़ रहा है जो पौष्टिक आहार तक से वंचित हैं।
कार्यकर्ता अंजू यादव का कहना है कि रेडी टू ईट खाद्य सामग्री कभी भी उनके केंद्र तक नहीं पहुंचती। कई बार सामग्री बिना सूचना के बुद्धूडिह में उतार दी जाती है, जिससे उन्हें खुद लेबर लगाकर सामान लाना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि सितंबर माह से अब तक रेडी टू ईट सत्तू की एक भी खेप केंद्र नहीं पहुंची।
आंगनवाड़ी सहायिका तक न होने के कारण पूरा केंद्र अकेले संचालित करने वाली कार्यकर्ता ने परियोजना कार्यालय को कई बार शिकायतें दीं, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुपरवाइजर पर भी मनमानी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अंजू यादव का कहना है कि सुपरवाइजर मीटिंग में उनसे सीधे मुंह बात तक नहीं करतीं, जिससे कार्य में समन्वय का अभाव बना रहता है।

आंगनवाड़ी के भवन का किराया भी 2 साल से बकाया

कार्यकर्ता अंजू यादव ने कहा की जहां आंगनवाड़ी संचालित हो रही है, उस भवन का किराया दो वर्ष से नहीं मिला है। गैस सिलेंडर का पैसा तक नहीं दिया गया। केंद्र में केवल थाली और कड़ाही हैं, पर भोजन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री तक उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण भी नाराज न बच्चों को पोषणा आहार मिलता है न केंद्र रोज खुलता है

गांव के लोगों का साफ कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र नियमित नहीं खुलता। यदि बच्चे जाते भी हैं तो उन्हें कोई खाद्यान्न सामग्री नहीं मिलती। ग्रामीणों ने जब इस विषय पर कार्यकर्ता के पति से बात करनी चाही तो उन्हें रायपुर भेजने की धमकी दी गई, जिससे भोले-भाले ग्रामीण भयभीत होकर अपनी बात कहने से कतराते हैं।

कुपोषण
मुक्त कैसे बनेगा बलरामपुर

जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के ढुलमुल रवैये, निरीक्षण की खुलेआम अनदेखी और आपसी विवादों के कारण बचवार गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकार जहां कुपोषण मुक्त दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलटा दिखाई देती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर और संबंधित आंगनवाड़ी स्टाफ कुंभ करनी नींद से जागेंगे या फिर हमेशा की तरह एक-दूसरे पर दोषारोपण का खेल चलता रहेगा।

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