अंबिकापुर। राजमाता श्रीमति देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल के शिशु रोग विभाग में नवजातों की मौत के बाद मचे हंगामे व उच्च स्तर तक मची हलचल के बाद चिकित्सक व स्टॉफ अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कितनी तब्दीली लाए, इससे अवगत होने अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह अधीनस्थों के साथ बुधवार की रात डेढ़ बजे विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किए। तीन घंटे तक चले विभागवार निरीक्षण के दौरान उन्होंने हिदायत दी, जुबानी बातों से काम नहीं चलेगा। किसी मरीज की गंभीर स्थिति होने पर सीनियर चिकित्सक को ऑन कॉल कितने बजे बुलाया गया और संबंधित चिकित्सक कितने समय पहुंच कर मरीज को देखे, यह रजिस्टर में इंद्राज होना चाहिए। मरीज को देखने के लिए पहुंचने वाले चिकित्सक का रजिस्टर में हस्ताक्षर भी होना चाहिए।
अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह ने अस्पताल की सलाहकार प्रियंका कुरील, नर्सिंग इंचार्ज छोटेलाल व राजेंद्र के साथ निरीक्षण के दौरान आइसीयू, महिला एवं शिशु रोग विभाग, एसएनसीयू सहित ऐसे प्रमुख विभागों का बारीकी से अवलोकन किया, जहां गंभीर स्थिति में मरीजों को भर्ती किया जाता है। उनकी नजर विशेषकर शाम छह बजे के बाद भर्ती होने वाले मरीजों पर रही, जिन्हें जूनियर डॉक्टर ने देखा था। उन्होंने मरीज के केस का अध्ययन करके यह जानने का भी प्रयास किया कि इनमें से कितने गंभीर हैं। अगर गंभीर स्थिति है तो क्या किसी सीनियर डॉक्टर को संबंधित मरीज को देखने के लिए कॉल करके सूचना दी गई। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि कंसलटेंट चिकित्सक के आने और मरीज को देखने के समय का उल्लेख और हस्ताक्षर रजिस्टर में हो जिससे यह पता चल सके कि चिकित्सक सूचना के बाद कितनी देर में मरीज को देखने के लिए पहुंचे।
सभी चिकित्सक व कर्मचारी ड्यूटी पर थे तैनात
चिकित्सक, नर्सें और स्टाफ देर रात अधीक्षक डॉ.लखन सिंह के द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण से बेखबर थे। विभागों में प्रवेश करने के साथ ही उन्होंने रात्रिकालीन ड्यूटी के रोस्टर का अवलोकन किया, साथ ही संबंधित चिकित्सक, नर्स या कर्मचारी उपस्थित हैं या नहीं इस पर उनकी नजर थी। इस दौरान सभी विभागों में रोस्टर के अनुरूप चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले। उन्होंने मौके पर उपस्थित चिकित्सक से शाम छह बजे के बाद पहुंचे मरीजों को दी गई उपचार सुविधा, भर्ती के समय स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा गंभीर मरीज को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ इसकी जानकारी रोस्टर के अनुरूप सीनियर चिकित्सक को जरूर दें, ताकि बीमार को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके।  

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