यागराज में माफिया अतीक अहमद के दफ्तर में सोमवार को जगह-जगह खून फैला मिला। सीढ़ियों, कमरे और किचन में खून के ताजे धब्बे मिले हैं। फर्स्ट फ्लोर पर एक महिला की साड़ी और कुछ अंडर गारमेंट्स मिले हैं। एक चाकू भी मिला है। पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) को जांच के लिए मौके पर बुलाया। मीडियाकर्मियों से ऑफिस खाली करा लिया गया है। टीम जांच कर रही है कि ब्लड कितने दिन पुराना है, किसका है?

यह दफ्तर अतीक के गढ़ चकिया इलाके में है। फोरेंसिक टीम ने खून का सैंपल लिया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 2020 में इस पर प्रयागराज प्राधिकरण अथॉरिटी (PDA) ने बुलडोजर चलाया था। तब से ये खाली पड़ा है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद 21 मार्च यानी 34 दिन पहले इसी दफ्तर में पुलिस को 74 लाख रुपए कैश और 10 पिस्टल मिली थी।

पहले फोटोज में देखिए… दफ्तर के अंदर क्या-क्या मिला

सीढ़ियों पर खून के धब्बे।

पुलिस ने दफ्तर को अपने कब्जे में ले लिया और छानबीन की

दफ्तर की पहली मंजिल पर भी खून के धब्बे मिले।

चकिया में अतीक के दफ्तर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई।

CCTV कैमरों को चेक किया जा रहा है: ACP
ACP कोतवाली सतेंद्र पी. तिवारी ने कहा, “फोरेंसिक टीम यह जांच करेंगी कि ये धब्बे खून के हैं या कुछ और। खून के धब्बे हैं तो किसका खून है, यह भी जांच का विषय है। आसपास लगे CCTV कैमरों को चेक किया जा रहा है। देखा जाएगा कि हाल ही में क्या कोई शख्स अंदर गया है? आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।”

दफ्तर पर दो बार चल चुका बुलडोजर
अतीक अहमद के इस दफ्तर का अगला हिस्सा दो बार गिराया जा चुका है। एक बार बसपा सरकार में 2006 में और दूसरी बार भाजपा सरकार में 2020 में। PDA ने 21 सितंबर 2020 को दफ्तर को गिरा दिया था। हालांकि पीछे का हिस्सा छोड़ दिया गया था। इसी पिछले हिस्से में उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस ने कुछ दिन पहले छापा मारकर 74 लाख 72 हजार रुपए और 10 पिस्टलें बरामद की थीं।

अतीक का यह दफ्तर प्रयागराज के चकिया इलाके में है। फोरेंसिक टीम अंदर मौजूद है। मीडियाकर्मियों को बाहर कर दिया गया है।

2020 में करीब छह घंटे की कार्रवाई के बाद अवैध रूप से निर्मित भाग को पूरी तरह से जमींदोज करा दिया गया था। PDA अफसरों का कहना था कि अवैध रूप से किए गए निर्माण को हटाने के संबंध में अतीक अहमद को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया था, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई थी।

उमेश पाल को किडनैप करके यहां रखा था

यह फोटो 21 मार्च की है। पुलिस ने जब अतीक के दफ्तर पर छापा मारा था तो वहां रोटियां और सब्जी मिली थी।

यह फोटो 21 मार्च की है। पुलिस ने जब अतीक के दफ्तर पर छापा मारा था तो वहां रोटियां और सब्जी मिली थी।

अतीक का यह वही दफ्तर है जिसमें अतीक ने 2006 में उमेश पाल को किडनैप करके 3 दिनों तक रखा था। बिजली के शॉक दिए थे। अपने पक्ष में उमेश से बयान भी लिखवाए थे। यह दफ्तर अतीक के आर्थिक साम्राज्य का अहम हिस्सा रहा है। 21 मार्च को जब पुलिस ने इस दफ्तर पर छापा मारा था तब किचन में ताजी रोटियां बनी मिलीं थी।

इसके अलावा किचन में आलू-प्याज और सब्जियां भी पड़ी थीं। ऊपर के कमरे के सोफे साफ-सुथरे थे। एक कमरे में महिलाओं के भी कपड़े मिले थे। पुलिस ने अतीक के गुर्गों के इस दफ्तर का इस्तेमाल करने की आशंका जताई थी।

अतीक अहमद के दफ्तर से 9 पिस्टल, 1 तमंचा मिला:दीवारों-फर्श में दबा मिला 74.62 लाख कैश

उमेश पाल हत्याकांड के 26 दिन बाद यानी 21 मार्च को पुलिस ने माफिया अतीक अहमद के ऑफिस पर छापा मारा। चकिया स्थित ऑफिस में 74 लाख 62 हजार रुपए कैश, 9 पिस्टल, 1 तमंचा और कारतूस मिले। पुलिस ने अतीक के पांच गुर्गों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस की रेड में दीवारों और फर्श को तोड़ने के बाद 500 और 200 रुपए के नोट बरामद हुए। जिन्हें गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। पुलिस ने दफ्तर में काम करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर छापेमारी और बरामदगी की गई।

अतीक की आखिरी 2 रातें जहां बीतीं…उस थाने से रिपोर्ट: 6×10 के लॉकअप में सिर्फ 3 घंटे सोने दिया

13 अप्रैल 2023, प्रयागराज की CJM कोर्ट में माफिया अतीक अहमद और अशरफ पेशी पर लाए गए। कोर्ट के अंदर जितनी भीड़ थी। उससे दोगुना लोग कोर्ट के बाहर जमा हुए थे। उस दोपहर अतीक को 2 बुरी खबरें मिलीं। पहली: झांसी में STF ने उसके बेटे असद का एनकाउंटर कर दिया। दूसरी: उसे और अशरफ को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। बात साफ थी…अब 13 अप्रैल की शाम 5 बजे से 17 अप्रैल की शाम 5 बजे तक अतीक को प्रयागराज में ही रहना था।

कोर्ट के फैसले के बाद प्रिजन वैन नैनी जेल न जाकर सीधे धूमनगंज थाने पहुंची। वो थाना जहां आने के बाद खुद अतीक भी ये नहीं जानता था कि उसकी जिंदगी के महज 2 दिन बाकी बचे हैं। हम धूमनगंज थाने पहुंचे। यहां मौत से पहले अतीक की 2 रातें कैसे बीतीं, इस बारे में जानने हम धूमनगंज थाने पहुंचे।

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