पुलिस ने कंकाल का डीएनए टेस्ट करा महिला की पहचान की थी


अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के डवरा पुलिस चौकी अंतर्गत घाघरा गांव में महिला की हत्या कर शव को जमीन में दफनाने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है और फरार आरोपित को 87 दिन बाद गिरफ्तार कर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफल हुई है। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
चौकी प्रभारी राजकुमार कश्यप ने बताया कि ग्राम घाघरा निवासी 55 वर्षीय सोमारू कोडाकू पिता नान कोडाकू चौकी पहुंच केस दर्ज कराया था कि उसकी पत्नी 53 वर्षीय कोपली कोडाकू उर्फ झाको बाई 18 मार्च की दरम्यानी रात्रि से बिना बताए कही चली गई है। पुलिस गुमशुदगी का मामला दर्ज कर महिला की तलाश में लगी थी। 13 अप्रैल को घर से करीब सात सौ मीटर दूर जमीन में गड़ा हुआ एक कंकाल मिला। पुलिस ने कपड़े से शिनाख्त कर महिला के कंकाल का पोस्टमार्टम करा डीएनए टेस्ट के लिए भेजा था। गांव के 20 वर्षीय देवसाय उर्फ खेसारी कोड़ाकू पिता उमेश कोड़ाकू उसी रात से गायब था। पुलिस संदेह के आधार पर आरोपित की तलाश में थी। वहीं आरोपित अंबिकापुर में रहकर बस में खलासी का काम कर रहा था। पुलिस ने उसे 87 दिन बाद अंबिकापुर से गिरफ्तार किया और डवरा चौकी लाकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि महिला से जमीन का विवाद चल रहा था। होली की दरम्यानी रात गेंहू में पानी पटाकर घर लौट रहा था, इसी दौरान महिला से मुलाकात हुई और वह गला दबाकर उसकी हत्या कर घर से करीब सात सौ मीटर दूर चूहा पकड़ने के लिए खोदे गए गड्ढे में दफन कर अंबिकापुर आ गया था और बस में खलासी का काम कर रहा था। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध धारा 302, 301 भादवि का मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। कार्रवाई में चौकी प्रभारी राजकुमार कश्यप, सहायक उप निरीक्षक जहुर साय, योगेन्द्र जायसवाल, प्रधान आरक्षक जगतपाल मरकाम, तुलसीराम धीवर, तसील कैवर्त्य, सुरेन्द्र रवि, सचित कुशवाहा, अनिल पैंकरा, कुलदीप कुमार, पीयूष केरकेट्टा, धर्मेन्द्र शर्मा, सागर सिंह, चकघर सिंह शामिल थे।

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