मामला कलेक्टोरेट के प्रतिलिपि शाखा का

अंबिकापुर। कलेक्टर के तमाम दिशानिर्देश के बाद भी कलेक्टोरेट नकल शाखा के कर्मचारियों का व्यवहार बदल नहीं पाया है। यहां आने वाले आवेदक काम जल्दी हो इसके लिए मिन्नतें करते हैं। आवेदन देते समय बनी रहने वाली विनम्रता को आवेदक तब तिलांजलि दे देता है, जब उसका काम नीयत समय देने के बाद भी नहीं होता। यही नहीं काम में लेट-लतीफी की स्थिति न बनने पाए, इसके लिए आवेदक कुछ नजराना भी भेंट कर आते हैं। चक्कर लगाकर थक चुका ऐसा ही एक शख्स मंगलवार की दोपहर पहले तो दुआ-सलाम करते कलेक्टोरेट के प्रतिलिपि शाखा में पहुंचा। यहां से मांगे गए दस्तावेज का नकल मिलने के बजाए रिकार्ड रूम का रास्ता दिखाने पर वह भड़क गया और जमकर भड़ास निकाला।

मंगलवार को कलेक्टोरेट के नकल शाखा में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। अंबिकापुर निवासी राजेश अग्रवाल ने 17 जनवरी 2024 को मेंटनेंस, खसरा का नकल प्राप्त करने के लिए यहां आवेदन दिया था। काम जल्दी हो, इसके लिए पांच सौ रुपये भी यहां के कर्मचारी को खुश करने के लिए दे दिया। इसके बाद जब भी वह मेंटनेंस, खसरा लेने के लिए नकल शाखा में जाते तो उन्हें रिकार्ड रूम जाने कहा जाता। राजेश अग्रवाल को छह फरवरी, मंगलवार को नकल प्राप्ति के लिए बुलाया गया था। जब वे यहां पहुंचे तो इन्हें पुन: रिकार्ड रूम में जाकर संपर्क करने कहा गया। आरोप है कि उन्होंने जब रिकार्ड रूम भेजने का कारण जानना चाहा तो यहां मौजूद कर्मचारी बहस पर उतारू हो गया। तमतमाए राजेश अग्रवाल ने नकल शाखा के कर्मचारियों के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर करनी शुरू की और लोगों के कदम थमने लगे। उन्होंने खुला आरोप लगाया कि काम जल्दी हो, इसके लिए उन्होंने पांच सौ रुपये दिए थे, इसके बाद भी उन्हें दौड़ाया जा रहा है। इस दौरान बनी शोर-शराबा की स्थिति और जमा होते मजमा को देखकर नकल शाखा के कर्मचारी हरकत में आ गए। इसके बाद वे आनन-फानन में मेंटनेंस, खसरा का नकल खंगालने लगे।

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