अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने वापस आए युवकों से की मुलाकात, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
अंबिकापुर। सरगुजा जिला एवं पुलिस प्रशासन की टीम की सक्रियता से राजस्थान के सवाई माधोपुर के नजदीकी क्षेत्र में बंधक के रूप में काम कर रहे मैनपाट के चार पहाड़ी कोरवा किशोरों की सकुशल घर वापसी सोमवार को हुई। प्रशासनिक देखरेख में इन्हें सर्किट हाउस अंबिकापुर लाया गया और निगरानी में यहां से घर भेजा गया। इस दौरान अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सर्किट हाउस में इनसे मुलाकात की। इस अवसर पर मौजूद कलेक्टर विलास भोसकर एवं एसपी योगेश पटेल को इस तरह के मामलों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
एसडीएम मैनपाट से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के मैनपाट क्षेत्र के मालतीपुर गांव के चार नाबालिगों को ग्राम चिरगा के फिलिम नामक व्यक्ति द्वारा ज्यादा मजदूरी/वेतन का लालच देकर ले जाया गया था, किंतु वहां जाने के बाद इन्हें कम वेतन दिया जा रहा था। साथ ही मालिक के द्वारा गृह जिले वापस नहीं आने दिया जा रहा था। दबाव बनाकर बंधक श्रमिकों के रूप में काम कर रहे युवकों ने किसी तरह परिवार से संपर्क किया और घर वापस आने में हो रही कठिनाई से अवगत कराया। मामला प्रशासन के संज्ञान में आते ही चारों के सुरक्षित घर वापसी की कार्रवाई शुरू की गई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में काम करने ले जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर विलास भोसकर एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं पुलिस टीम ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई की और प्रशासन की टीम के संयुक्त प्रयास से सोमवार को सभी नाबालिग युवकों को सुरक्षित अपने घर पहुंचाया गया है। मामले में लीगल सहायता लेते हुए प्रशासन द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर ने अलर्ट होकर ऐसे मामलों में काम करने के निर्देश दिए
कलेक्टर विलास भोसकर ने जिले में इन मामलों को रोकने प्रशासनिक टीम को पुलिस की टीम के साथ अलर्ट होकर काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसे गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए ले जाने वाले व्यक्तियों पर जांच करके कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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