फर्जीवाड़ा के मामले में पुलिस ने 3 अंतर्राज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया
अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के बसंतपुर थाना पुलिस ने व्हाट्सएप्प वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। आरोपी फर्जी पुलिस बनकर लोगों को डरा-धमका कर उनसे पैसे वसूलते थे।
थाना बसंतपुर में वाड्रफनगर निवासी जानकी प्रसाद कुशवाहा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 नवंबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई देहरादून का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका बेटा रेप केस में फंस गया है और उसे जेल भेजा जाएगा। अगर उसे बचाना है तो 50 हजार रुपये तुरंत ट्रांसफर करने होंगे। कॉल के दौरान बैकग्राउंड में बच्चे के रोने और मारपीट की आवाज सुनाई दे रही थी, जिससे वे डर गए और आरोपी के द्वारा बताए गए खाते में दो बार में 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत पर अपराध क्रमांक 176/2024, धारा 318 (2) बीएनएस और 66 (घ) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन में इसके लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। तकनीकी जांच और मैन्युअल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंची। यहां रिजवान अहमद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सामने आया कि इस ठगी के मास्टरमाइंड शाकिब खान और रिफाकत हुसैन हैं, जो फर्जी पुलिस बनकर लोगों को ब्लैकमेल करते थे। पुलिस ने मामले में शाकिब खान पिता जाहिद खान, रिफाकत हुसैन, पिता लियाकत हुसैन दोनों निवासी गोटिया मोहल्ला, थाना सीबीगंज, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश व रिजवान अहमद पिता इसरार, निवासी रहपुरा चैधरी, थाना इज्जत नगर, जिला बरेली उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों को पहचान पत्र लेकर उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाते थे, बाद में इन खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए करते थे। आरोपी व्हाट्सएप्प वीडियो कॉल के जरिए पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को उनके संबंधियों के बारे में फर्जी आरोप लगाकर धमकाते थे और पैसों की मांग करते थे।
शाकिब व रिफाकत के विरूद्ध और भी मामला है दर्ज
आरोपी शाकिब खान और रिफाकत हुसैन के खिलाफ साइबर थाना बरेली, उत्तर प्रदेश में और भी मामला दर्ज है। धारा 318(4), 338, 336, 340(2), 61 बीएनएस के तहत इनके विरूद्ध पहले से केस चल रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद 22 मार्च को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक भारद्वाज सिंह, प्रधान आरक्षक इनायत खान और आरक्षक श्रीकांत यादव का अहम योगदान रहा।

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