अंबिकापुर। राजमाता देवेन्द्र कुमारी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. संटू बाघ ने वर्ष 2013 के पूर्व च्वाइस सेंटर द्वारा गलत तरीके से रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु का हस्ताक्षर फर्जी तरीके से स्केन करके डिजिटल फर्जी प्रमाणपत्र प्रदाय करने की रिपोर्ट थाना मणिपुर में दर्ज कराई है। बताया गया है कि पंजीयन इकाई शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर में मैन्युअल जन्म-मृत्यु पंजीयन अप्रैल 2013 से किया गया है। विभिन्न च्वाइस सेंटर के द्वारा वर्ष 2013 से पूर्व अन्यत्र से बने जन्म प्रमाणपत्र में रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु जिला चिकित्सालय अंबिकापुर का असंवैधनिक रूप से हस्ताक्षर करके फर्जी प्रमाणपत्र को डिजिटल किया जा रहा है। उक्त फर्जी प्रमाणपत्र में कार्यालय का सील लगवाने के लिए आने वाले हितग्राहियों से पूछने पर उनके द्वारा आनलाइन कूटरचित प्रमाणपत्र विभिन्न च्वाइस सेंटरों से बनवाना बताया जा रहा है, जिसमें वर्ष 2006, 1970, 1984, 2011 में जन्म का उल्लेख है, जबकि 2013 से पूर्व इस कार्यालय द्वारा डिजिटल प्रमाणपत्र जारी ही नहीं किया गया है और ना ही कोई रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था। इसके प्रमाण स्वरूप अभी तक अस्पताल में कूटरचित 6 जन्म प्रमाणपत्र जप्त किए गए हैं। शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर लिया है और अग्रिम जांच कार्रवाई में जुट गई है।

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