वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य का 24वां और साय सरकार का दूसरा बजट पेश किया
अंबिकापुर। बजट सत्र के 5वें दिन सोमवार को विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य का 24वां और विष्णुदेव साय सरकार का दूसरा बजट पेश किया। इस बजट को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। राज्य के बजट को भाजपा ने दूरदर्शी बजट और छत्तीसगढ़ के विकास की गति बढ़ाने वाला बजट बताया है। वहीं कांग्रेस ने बजट को ज्ञान और गति से परे बताया है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने प्रदेश सरकार के बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का अभिनंदन किया और कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक श्रेष्ठ बजट प्रस्तुत किया गया है। वित्त मंत्री ने बहुस्पर्शी, बहुआयामी और सर्वव्यापी बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री ने सभी वर्गों का सभी क्षेत्रों का विकास की दृष्टि से समुचित ध्यान दिया है। इस बजट में विशेषकर बस्तर, सरगुजा, वनवासी क्षेत्र, आदिवासी अंचल जहां पर विकास की अनेक संभावनाएं हैं, उसे उचित स्थान दिया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट राज्य को तेजी से विकास के पथ पर ले जाते हुए 2030 के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने का संकल्प है। यह राज्य का रजत जयंती बजट और अब तक सबसे बड़ा बजट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रमुख घोषणाओं को पूरा करने के लिए भी बजट में प्रावधान किया है, अपने बजट में व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से करके बोझ को कम, ई-वे बिल सीमा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये, 25 हजार तक की वैट देनदारी को माफ और अचल संपत्ति लेन-देन पर स्टांप शुल्क उपकर हटा दिया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव ने प्रदेश सरकार के बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का अभिनंदन किया और कहा कि इस बजट से प्रदेश के साथ ही जिले और ग्रामों में खुशहाली आएगी। इस बजट से कर्मचारी किसान, युवा, व्यापारी, महिला वर्ग सभी के लिए यह बजट आशा के अनुरूप पेश किया गया है। वित्त मंत्री चौधरी द्वारा सर्वव्यापी बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस बजट में विशेषकर बस्तर, सरगुजा, आदिवासी अंचल में विकास की कई संभावनाएं है। अनुराग सिंह देव ने कहा कि इस बजट में नगरीय निकायों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान मिलने से राजधानी सहित पूरे प्रदेश में शहरी विकास को गति मिलेगी। आवास योजना के लिए 875 करोड़ रुपये गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। महानदी-इंद्रावती और कोडार-सिकासर नदियों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे कृषि और जल संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इस बजट से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। यह बजट ‘प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारतÓ के संकल्प को साकार करने वाला है। अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले वर्ष का बजट ‘ज्ञानÓ गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित था और इस बजट का उद्देश्य गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ है, ताकि ज्ञान गति के माध्यम से आगे बढ़े। इस वर्ष राज्य को प्रगति के पथ पर और आगे ले जाया जा सके। इस बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से बेहद प्रभावशाली करार देते हुए उन्होंने कहा कि बजट से शासन में सुधार, बेहतर सेवा वितरण की सुविधा, नागरिक सहभागिता को बढ़ाना, पारदर्शिता, जवाबदेह और समावेशी शासन के ढांचे का निर्माण होगा। लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने, सड़क, पुल, सार्वजनिक परिवहन सहित अधोसंरचना विकास की परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने वाला बजट है, निश्चित रूप से इस बजट से राज्य का चौमुखी विकास होगा एवं सरकार की कई प्रमुख घोषणाओं को पूरा किया जाएगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने बजट को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि नई पहल के लिए इसमें प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए वीजीएफ के माध्यम से प्रावधान है, ग्राम पंचायत से ब्लॉक और जिला स्तर पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रावधान है। पूर्व जिला अध्यक्ष एवं ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि यह बजट राज्य के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्ष 2025 26 के बजट में 10 नई योजनाओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना, मुख्यमंत्री परिवहन योजना, मुख्यमंत्री बाईपास एवं रिंग रोड निर्माण योजना, मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना, मुख्यमंत्री गवर्नेंस फैलोशिप, सियान केयर योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, अटल सिंचाई योजना, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति तथा राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज के साथ छात्र कौशल कार्यक्रम और वित्तीय निवेश प्रशिक्षण योजना शामिल है। अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि इस बजट में महिलाओं के लिए वूमेन हॉस्टल, सखी सेंटर और नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, महतारी बंदन योजना के बजट में वृद्धि की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना अंतर्गत नगर विकास के लिए बजट में 500 करोड् रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट महिला सशक्तिकरण की दिशा और राज्य के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पूर्व जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने कहा कि यह रजत जयंती का बजट है। इस बजट से विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, इस वर्ष का बजट गुड गवर्नेंस, अधोसंरचना, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर केंद्रित है। यह बजट सुशासन व राज्य के अभूतपूर्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा निश्चल प्रताप सिंह ने बजट को सर्वहितैषी और समावेशी बजट बताया है, जिसमें सभी वर्गों हितों का ध्यान रखा गया है। इसमें आवास योजना, अमृत मिशन योजना, शहरी विकास, मेट्रो प्रोजेक्ट, फूड पार्क, फिजियोथैरेपी कॉलेज, फैशन कॉलेज, फुटबॉल स्टेडियम, उद्योगों का विकास, डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसी महत्वपूर्ण व जनकल्याणकारी चीजों को शामिल करके हमने बनाया है हम ही संवारेंगे को साकार किया गया है। बलरामपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में सभी वर्गों को ध्यान में रखा है। इसमें बलरामपुर के लिए 20 करोड़ का आवासीय विद्यालय एवं नर्सिंग कॉलेज भी शामिल है, जिसका बलरामपुर जिला के लोगों को लाभ मिलेगा। जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव ने बजट को ऐतिहासिक और सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट को उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि, 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य से स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। कृषि के लिए ऑर्गेनिक खेती और नैनो यूरिया को प्रोत्साहन किसानों के हित में दूरगामी प्रभाव डालने वाली योजना और अमृत मिशन पेयजल योजना के लिए 744 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। बजट प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगा और हर वर्ग को समृद्धि की ओर ले जाएगा। भाजपा नेता पूर्व मंडल अध्यक्ष वैभव सिंह देव ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर बजट अत्यंत सराहनीय है। बजट सर्वहितेषी और सर्वस्पर्शी है। बजट में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी सभी प्रमुख योजनाओं को पूरा करने का प्रावधान किया है, साथ ही 5 एचपी सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली के लिए बजट में प्रावधान किसानों के हित में एक बेहतर निर्णय है। नगर पंचायत जरही के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पुरन राम राजवाड़े ने राज्य सरकार के वर्ष 2025-26 के बजट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करेगा और आम जनता को लाभ पहुंचाएगा। बजट में 10 नई योजनाओं की घोषणा की गई है। इसके अलावा, छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति, राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज के साथ छात्र कौशल कार्यक्रम एवं वित्तीय निवेश प्रशिक्षण योजना को भी इसमें जोड़ा गया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए वूमेन हॉस्टल, सखी सेंटर और नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। महतारी वंदन योजना के बजट में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी साबित होगा।
अनाज महंगा और शराब सस्ता, महंगाई रोकने कोई कदम नहीं
फोटो-टीएस सिंहदेव, राकेश गुप्ता, शफी अहमद, अनूप मेहता राजेश दुबे, हिमांशु जायसवाल
छत्तीसगढ़ सरकार के बजट को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने संतुलित बताया है। उन्होंने कहा है कि पेट्रोलियम पदार्थों में 1 प्रतिशत वैट कटौती, रजिस्ट्री शुक्ल में कटौती से लुभाने की कोशिश की गई है, लेकिन इन कटौतियों के भरपाई का उल्लेख बजट में नहीं मिलता है। कुल बजट में केंद्र सरकार से 39 प्रतिशत और राज्य सरकार के स्रोत से 46 प्रतिशत राशि आएगी। जो कुल बजट व्यय का 85 प्रतिशत होता है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। डबल इंजन के नाम पर बनी सरकार को ऊपर की इंजन से संतोषजनक योगदान नहीं मिल रहा है। राजकोषीय घाटा बढ़कर 2.97 प्रतिशत हो गया है। यह 3 प्रतिशत के पास है, जो चिंताजनक है। लगभग 22 हजार करोड़ का घाटा बतलाया गया है। राज्य को अपने आमदनी के स्रोत बढ़ाने चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का बजट 8040 करोड़ का है, जो कुल बजट का 4 प्रतिशत होता है, यह बेहद कम है। बजट में आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान है। इस योजना में पुराना बकाया ही 2500 करोड़ का है। इस राशि में पुराना बकाया ही समायोजित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की जनता को निजी अस्पतालों के भारी भरकम बिलों से जूझना पड़ेगा। कम बजट से स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट आएगी। कुछ पुलिस भर्तियों को छोड़ रोजगार पर बजट निराशाजनक है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की भर्तियों को लेकर बजट में कोई उल्लेख नहीं है। प्रदेश पहले ही सेवा क्षेत्र में जीडीपी के राष्ट्रीय औसत से 20 प्रतिशत पीछे है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भर्तियों से इसे संतुलित किया जा सकता था। रोजगार बढ़ाने से सर्विस सेक्टर का जीडीपी में योगदान बढ़ता। कृषि के क्षेत्र में कांग्रेस सरकार की नीतियों को ही कमोबेश अपनाया गया है, जिसका फायदा मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज, अंबिकापुर के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछले बजट में भी 118 करोड़ का प्रावधान था, लेकिन काम की शुरुआत ही नहीं हो रही है और बजट लेप्स हो जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ कर उसे शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किया गया दूसरा बजट निराशाजनक है। उन्होंने कहा है कि बजट में महंगाई रोकने के लिए तो कोई कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन विदेशी शराब में छूट देकर अनाज महंगा और दारू सस्ता किया गया है। सरगुजा क्षेत्र के लिए किसी भी नई सिंचाई योजना की घोषणा नहीं की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योजना नहीं है। युवाओं के लिए रोजगार के लिए कोई योजना नहीं है। यह बजट मात्र विदेशी शराब के प्रेमियों का बजट है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा है कि बजट में विष्णुदेव साय सरकार ने नई सड़कों के निर्माण के लिए मात्र दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें से मात्र 25 करोड़ रुपये सरगुजा के हिस्से में आया है। नगर निगमों को मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए मात्र 500 करोड़ रुपये आबंटित किया गया है। प्रदेश में 12 सौ से ज्यादा नगर निगम हैं, इसे देखते हुए इस आबंटन से अंबिकापुर शहर तो स्मार्ट सिटी बनने से रहा, जिसका जिक्र भाजपा ने निगम चुनाव में अपने घोषणा पत्र में किया था। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनूप मेहता ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरगुजा की जनता से डबल इंजन के नाम पर वोट हासिल करके भाजपा ने केंद्र और राज्य में सरकार बनाई, लेकिन पहले इंजन ने केंद्रीय बजट में सरगुजा को न तो इंजन दिया, न डब्बे दिए और न ही रेल दिया। पीछे के इंजन ने भी सरगुजा को ठग लिया है। कांग्रेस की 5 साल की सरकार में मात्र अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में 2750 करोड़ रुपये के काम हुए थे। प्रत्येक वर्ष 550 करोड़, औसतन अंबिकापुर विधानसभा को मिला, लेकिन इस बजट में तो पूरे जिले के लिए भी 500 करोड़ नहीं दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं सरगुजा संभाग के प्रभारी राजेश दुबे अधिवक्ता ने साय सरकार के बजट को दिशाहीन व निराशाजनक बजट करार दिया है, जिसमें गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं को कुछ नहीं मिला। विभागों में भर्ती की बात कही गई है लेकिन यह नहीं बताया गया है कि विभिन्न विभागों में कितने पद रिक्त हैं, उनको भरने के लिए बजट में खर्च आने वाली राशि का भी उल्लेख नहीं है। महिलाओं के लिए भी बजट में कुछ नहीं है, कितने महतारी सदन बनाए जाएंगे, इसका भी उल्लेख बजट में नहीं है। बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए भी बजट में कोई जगह नहीं दी गई है। भाजपा के द्वारा चुनाव पूर्व संकल्प पत्र में छत्तीसगढ़ की जनता के साथ किए गए वायदों में से एक भी वायदों के लिए बजट में कोई घोषणा नहीं की गई है। मुफ्त गैस सिलिंडर के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है, कुल मिलाकर इस बजट में छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल किया गया है। साय सरकार ने बजट के एक दिन पहले ही बजट के कवरिंग के लिए मनपसंद एप के माध्यम से नशाखोरी को बढ़ावा देते हुए सस्ती दरों पर शराब बेचने का एलान जरूर कर दिया है। युवा कांग्रेस आरटीआई सेल के स्टेट चेयरमैन हिमांशु जायसवाल ने कहा कि बजट की घोषणाएं सिर्फ घोषणाएं रहेंगी या पूरी होगी। संत गहरा गुरु विश्वविद्यालय 2008 से खुला है पर सरकारी प्रावधान के बाद भी इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। बजट की घोषणाएं सिर्फ कागज में रहने वाली हैं। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता कांग्रेस सरकार देती थी, इसे बंद करके युवाओं के लिए कोई विजन सामने नहीं लाया गया है।

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