महादेव सट्टा से कनेक्शन, 04 सटोरिये गिरफ्तार, कारोबार का सरगना हुआ फरार

अंबिकापुर। क्रिकेट मैच में सट्टा लगाकर करोड़ों रुपये दांव लगाने सहित अवैध धन के आदान-प्रदान हेतु फर्जी खाता खोलवाकर अपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में 04 आरोपियों को पकड़ने में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोपियों से 73 नग मोबाइल, एक लाख 54 हजार 100 रुपये नगद सहित करीब 20 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। सटोरियों का सरगना फरार है, जिसके घर में दबिश देकर पुलिस ने उक्त कार्रवाई की। पुलिस ने महाराष्ट्रा बैंक के एक खाते का एनालिसिस किया तो 15 करोड़ का ट्रांजेक्शन करना पाया गया। अन्य बैंकों से भी बड़ी मात्रा में लेनदेन की संभावना को देखते हुए पुलिस इसका तार महादेव सट्टा ऐप और हवाला से जुड़ा होना मान रही है। आरोपियों के कब्जे से पुुलिस ने मल्टीपल किट भी जप्त किया है, जिसमें मोबाइल फोन, बैंक पासबुक सहित एकाउंट खोलने में प्रयुक्त दस्तावेज मौजूद हैं। हैरत की बात यह है कि सिकंदराबाद, कोयम्बटूर जैसे कई शहर के लोगों के नाम पर करोड़ों का फर्जी लेनदेन बैंक खाते में किया गया, लेकिन बैंक के जिम्मेदारों ने भी पुलिस को किसी प्रकार की सूचना देना वाजिब नहीं समझा।
मामले का पर्दाफास करते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने पत्रकारों को बताया कि शहर के जयस्तंभ चौक में रहने वाले सुधीर गुप्ता के मकान में ऑनलाइन सट्टा बड़े पैमाने पर चलने की सूचना मिल रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अपने स्तर पर फिल्डिंग लगाकर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में लगी थी। 13 जनवरी को कोतवाली थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि सरगुजा साइकल स्टोर के सामने सुधीर गुप्ता के निवास में कार्यालय बनाकर टीवी सेटअप लगाकर क्रिकेट मैच में ऑनलाइन सट्टा खिलाकर रुपये दांव पर लगाया जा रहा है। इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देने के साथ नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह के नेतृत्व में थाना कोतवाली एवं साइबर सेल पुलिस टीम मौ$के पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान सरगुजा सायकल स्टोर के सामने पतली व संकरी गली में पहला कमरे का लोहे का दरवाजा खुला मिला। अंदर प्रवेश करने पर तीन व्यक्ति कुर्सी में बैठकर एक प्लास्टिक टेबल पर एटीएम कार्ड, पास बुक, चेक बुक, क्यूआर स्टैण्ड, मोबाइल, रजिस्टर, पैसा व अन्य सामान रख कर एलईडी टीव्ही में चल रहे आस्ट्रेलिया का क्रिकेट लीग मैच देखते मिले। पूछताछ में चारों ने क्रिकेट मैच में रुपये पैसे का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेलने व खिलवाने सहित अवैध धन के आदान-प्रदान हेतु फर्जी खाता खोलवाकर आपराधिक षड़यंत्र रचना स्वीकार किया। पुलिस जप्त एटीएम कार्ड, बैंक खाता पासबुक से बैंक खातों के संचालन पर रोक लगाने, ट्रांजेक्शन डिटेल, केवाईसी फार्म प्रदाय करने हेतु अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले का आरोपी सुधीर गुप्ता घटना के पश्चात से फरार हैं, जिसके तलाश में पुलिस लगी है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में धारा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 एवं 336(3), 338, 61(2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

विन बज पोर्टल पर ऑनलाइन सट्टा
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मौके पर मिले राहुल अग्रवाल उर्फ विक्की पिता प्रयाग राज अग्रवाल 27 वर्ष निवासी बिलासपुर चौक थाना मणिपुर, श्रीकांत अग्रवाल पिता स्व. बाबुलाल अग्रवाल 46 वर्ष निवासी महामाया रोड सुदामा होटल के पास व राहुल कुमार सोनी पिता शंकर प्रसाद सोनी 23 वर्ष निवासी चांदनी चौक शास्त्रीनगर थाना कोतवाली अंबिकापुर से बारीकी से पूछताछ में पुलिस जुटी तो इनके द्वारा सुधीर गुप्ता के साथ मिलकर क्रिकेट मैच में रुपये पैसे का दांव लगाना और विन बज पोर्टल पर ऑनलाइन सट्टा का खेल खेलने व खिलवाने की जानकारी दी। राहुल अग्रवाल उर्फ विक्की अपने मोबाइल में सुधीर कुमार गुप्ता द्वारा बनाए गए वाट्सअप नंबर ग्रुप के ऑनलाइन सट्टा प्लेटफार्म में जीत-हार व लेन-देन करना बताया है।

ऐसे करते थे क्यूआर कोड स्कैनर जनरेट
आरोपियों से कमरे में रखे सामानों के संबंध में पूछताछ करने पर खेलने वाले एवं अन्य लोगों से आधार कार्ड व पेन कार्ड की छायाप्रति लेकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाता खोलवाने और एटीएम कार्ड, पास बुक, चेक बुक व सिम मोबाइल में डालकर फोन पे, गुगल पे, पेटीएम का उपयोग कर रुपये का लेन-देन करना बताया गया। इन्होंने अर्जुन गुप्ता के साथ मिलकर दूसरे व्यक्तियों के नाम का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक का पास बुक तीनों की छायाप्रति से बिना धारक के उपस्थिति में क्यूआर कोड स्कैनर जनरेट करवाना बताया। पुलिस टीम ने मामले में शामिल अर्जुन गुप्ता पिता श्याम सुन्दर गुप्ता 20 वर्ष निवासी शिकारी रोड नाला के पास को खोजबीन करके पकड़ा और पूछताछ की तो दोगुना पैसा कमाने के लिए उसने अन्य आरोपियों का सट्टा खेलने व खिलवाने में सहयोग करना स्वीकार किया।

आरोपियों से इन सामानों को जप्त की पुलिस
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 234 नग एटीएम कार्ड, विभिन्न कम्पनी का सिम 77 नग, 15 बैंकों का चेकबुक 78 नग, विभिन्न कम्पनी का मोबाइल सिम लगा हुआ 73 नग, विभिन्न बैंकों का पासबुक 81 नग, यूपीआई का बार कोड स्कैनर 08 नग, अलग-अलग व्यक्तियों का मूल आधार कार्ड 13 नग, पेन कार्ड की छायाप्रति 04 नग, आधार कार्ड की छायाप्रति 04 नग, विभिन्न बैंकों में जमा किए गए रकम की जमा पावती 07 नग, न्यायालय का सुपुर्दनामा आदेश की छायाप्रति 01, निकासी पर्ची भरा फार्म 01 प्रति, आनलाइन सट्टा पट्टी का बही खाता छोटे-बड़े डायरी, रजिस्टर में लिखा 22 नग, एलईडी टीव्ही मय रिमोट, वायर, जियो कम्पनी का वाई-फाई, सेटअप बाक्स, 01 सेट, प्लास्टिक का टेबल 01 नग, कुर्सी 02 नग, स्टूल 02 नग व नगदी रकम 1,54,100 रुपये बरामद किया है।

खाताधारक बैंक नहीं गए, खुल गया खाता
पुलिस अधीक्षक ने बताया प्रकरण में जप्त बैंक पास बुक, एटीएम कार्ड, बैंक चेक बुक, मोबाइल सिम धारकों को तलाश कर पुलिस जब पूछताछ की तो खाता धारकों ने बैंक नहीं जाने, फार्म नहीं भरने व फार्म में हस्ताक्षर नहीं करने, साथ ही कोई नया मोबाइल नंबर चालू करवाकर उपयोग नहीं करने की जानकारी दी। किसके द्वारा इनका आधार कार्ड व पेन कार्ड का उपयोग कर खाता खोलवाया गया और सिम निकाला गया, इससे वे अनभिज्ञ थे। आरोपियों के द्वारा आधार कार्ड व पेन कार्ड के जरिए छल करने व लाभ लेने के प्रयोजन से आरोपियों व सहयोगियों के द्वारा फर्जी तरीके से खाता खोलने के फार्म में फर्जी हस्ताक्षर करके एटीएम, चेकबुक, फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर प्राप्त कर व लिंक करके उपयोग हेतु अपने पास रखा गया था। आरोपियों व उनके सहयोगियों के द्वारा सुनियोजित योजना तैयार करके ऑनलाइन सट्टा अवैध तरीके से खिलाने व धन का आदान-प्रदान करने के लिए फर्जी बैंक खाता खुलवाना प्रथम दृष्टया पाया गया है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल

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