महंगई(मिथलेश जायसवाल)- गोंडवाना समाज के धर्म झंडा का प्रतीक सतरंगी झंडा को फाड़ने को लेकर बवाल हो गया है। आदिवासी समाज के सदस्यों ने थाना में शिकायत दर्ज कर दो आरोपी युवकों के खिलाफ़ कार्यवाही की मांग की है। मामला सूरजपुर जिले के उमेश्वरपुर थाना चौकी क्षेत्र का है, कार्यवाही न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

पुलिस को दी शिकायत में समाज के लोगों ने बताया कि आदिवासी समाज को अपनी धर्म संस्कृति, आराध्य देवी देवता, बइतिहास, संविधान, प्रकृति और रूढ़ि प्रथा पर पूर्ण आस्था है। ग्राम उमेश्वरपुर में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस को मनाया जाता है। यहां दो चौक का नामकरण रानी दुर्गवाती और भगवान विरसा मुंडा के नाम से किया गया है। जहां विश्व उन्नति और कल्याण का प्रतीक सतरंगी झंडा लगाया गया है जो गोंडवाना समाज का धर्म झंडा का भी प्रतीक है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम उमेश्वरपुर निवासी अजय सिंह आत्मज धनीराम जाति गौड़ एवं अजय विश्वकर्मा आत्मज पारसनाथ विश्वकर्मा हमारी धर्म संस्कृति को अपमानित करने के उद्देश्य से आये और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए हमारे धर्म झंडा को टांगी से वार कर फाड़ दिए। जिससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है।

इस घटना के बाद समाज के लोगों ने आक्रोश है जिस कारण आरोपियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा रहे हैं। पुलिस को शिकायत देने के बाद समाज के लोगों ने कहा कि यदि 24 घण्टे के भीतर आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होती है तो वे उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे। इस दौरान ज्ञापन सौंपने में शिवेंद्र प्रताप सिंह प्रांतीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ आदिवासी कल्याण महासंघ, राजा क्षितिज उइके जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी युवा प्रभाग, प्रभु नारायण सिंह श्याम ब्लॉक अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रेमनगर, संजय जिला मीडिया प्रभारी, प्रमोद ब्लॉक मीडिया प्रभारी, रघुनाथ मरकाम सरपंच ग्राम पंचायत कोतल, लालचंद पुरकेर, सुनील सिंह उईके, अमित सिंह उइके, बालचंद पावले, भुनेश्वर उइके, विश्राम सिंह, राजकुमार मरकाम, सोमनाथ कोर्राम, राजेश्वर ऑर्केरा, अनूप सिंह, श्याम मसत राम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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