उदयपुर। विकाखखंड में यादव परिवार के सदस्यों को गांव से हटाने जोर-आजमाइश चल रही है। बेबश ग्रामीण न्याय की उम्मीद लिए सरगुजा कलेक्टर तक गुहार लगा चुके हैं, लेेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। एक परिवार को टारगेट बनाकर बिना नोटिस दिए कब्जा हटाने 18 नवम्बर को कोटवार से मुनादी भी करवाया गया है। ऐसे में ग्रामीण संशय में है कि उन्हें ही सिर्फ क्यों निशाने पर लिया जा रहा है।
मामला उदयपुर मुख्यालय के ग्राम फूलचुही का है। यहां मैदान के लिए सुरक्षित 14 एकड़ सरकारी जमीन के 50 डिसमिल भाग में गांव के सुखदेव यादव पिता सुखलाल यादव का 7 परिवार के सदस्य के अलावा रामजीत यादव के परिवार के 7 व रामलाल यादव के परिवार के 10 सदस्य निवास करते हंै, जिसमें छोटे बच्चे व बुजुर्ग भी शामिल हैं। बस्ती गोंड समाज बहुल है। अन्य जातियों में एक घर यादव परिवार का, एक घर पनिका और एक घर रजवार परिवार का है। 14 एकड़ शासकीय भूमि में शासकीय शिक्षक कुंदसाय पिता अर्जुन, शिक्षक स्व. कृष्णा सिंह पिता अर्जुन, कृषक मानसाय पिता देवमुन सहित अन्य का भी ठिकाना है। सुखदेव यादव का कहना है कि काफी दिनों से उन्हें गांव वाले कमजोर समझकर अवैध कब्जा कहते हुए घर तोड़ने व जमीन से बेदखल करने डरा-धमका रहे हैं। जमीन में लगी फसल को जोत दिया गया, जिससे वे सहम गए हैं। सुखदेव यादव बताते हैं कि वे विगत 50 वर्षों ये यहां निवास कर रहे हैं और 10 वर्षों से कब्जाधारक हैं, इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। कलेक्टर जनदर्शन व तहसीलदार से आग्रह के बाद भी उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इनकी मांग है कि अगर कब्जा हटाना है तो सभी का हटाया जाए, न कि सिर्फ उन्हें निशाने पर लिया जाए।

Categorized in: