बलंगी पुलिस चौकी में 3 वाहनों को खड़ा करवाया गया, कार्रवाई को लेकर स्थिति अस्पष्ट
बलंगी। प्रदेशभर में धान की खरीदी आज गुरूवार से होगी। इसकी सुगबुगाहट मात्र से छत्तीसगढ़ सीमा पार से अवैध धान का आना शुरू हो गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश से तीन पिकअप में लदे धान के 165 बोरे को बलंगी पुलिस ने जप्त कर चौकी में खड़ा करा दिया है। इसे लेकर राजस्व और पुलिस प्रशासन के बीच लीपा-पोती प्रारंभ होने की सुगबुगाहट मिल रही है। कुछ गाड़ियों को लेन-देन करके छोड़ देने की बातें भी सामने आ रही है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आज 14 नवंबर से धान की खरीदी प्रारंभ की जानी है। इस खबर से इस प्रदेश के किसान भले लापरवाह हों पर उत्तर प्रदेश के सजग किसान और धान खरीदी में सक्रिय बिचौलिये जागृत हैं। रातों-रात धान छत्तीसगढ़ की सीमा में पहुंचाकर एकत्र करने की जुगत में लोग लग गए हैं। पहली बार प्रदेश में धान खरीदी की शुरुआत होने के पहले से ही बिचौलिए अवैध धान को खपाने के जुगाड़ में लगे हैं। पूर्व में ऐसी खबरें अक्सर खरीदी के दौरान ही सामने आया करती थीं। यहां यह बताना जरूरी है कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का समर्थन मूल्य इस वर्ष 3100 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य सरकार अपने प्रदेश के किसानों को ही लाभान्वित करने हेतु समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी करती है, ताकि प्रदेश के किसानों को उपज का पूरा मूल्य मिल सके। सरकार की इस साफ नीयती का फायदा हमेशा से बिचौलिए उठा रहे हैं। इस बार यह अवैध कार्य समय के पूर्व ही शुरु कर दिया गया और वे प्रशासन की नजर में आ गए।
तीन पिकअप वाहन जप्त
बलंगी पुलिस चौकी में तीन पिकअप वाहनों को खड़ा कराया गया है, जिनका नंबर यूपी 64 वीटी 1285, यूपी 64 सीटी 2619 तथा एक सोल्ड गाड़ी है, इन वाहनों से अवैध धान का परिवहन हो रहा था। नायब तहसीलदार रघुनाथनगर ने रात्रि गश्त के दौरान इन गाड़ियों को छत्तीसगढ़ के तोरफा चौक में पकड़ा। संदेह के आधार पर गाड़ियों को पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया है।
लीपा-पोती का प्रयास भी संभव
धान की इस पहली जब्ती से क्षेत्र में जहां लोगों के कान खड़े हो गए हैं वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर पकड़े गए अवैध धान को लेकर अपने स्तर पर लीपापोती के प्रयास की चर्चा भी जारी है। धान की जब्ती संबंधी मामले को लेकर जब अखबार के स्थानीय प्रतिनिधि ने नायब तहसीलदार से विस्तृत विवरण जानना चाहा तो उन्होंने यह कहकर अपना पिंड छुड़ा लिया कि तीनों गाड़ियां चौकी में खड़ी हैं, आप वहां ही चौकी प्रभारी से बात कर लें। चौकी प्रभारी बलंगी से बात की गई तो उन्होंने गाड़ियों का नंबर जरूर दिया परन्तु यह बताने में असमर्थ रहे कि गाड़ी मालिक कौन है? चालक कौन है और यह धान कहां से कहां ले जाया जा रहा था? उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गाड़ियां सुरक्षा की दृष्टि से चौकी में खड़ी करवा दी गई हंै। कार्रवाई राजस्व विभाग के हाथों में है। टालमटोल पूर्वक दिया गया जवाब संदेहों को जन्म दे रहा है। अब धान खरीदी के शुरूआत में आगाज ऐसा है…तो अंजाम क्या होगा…इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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