उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर संविलियन की लगाई गुहार
अंबिकापुर। नगर निगम से होमगार्ड में स्थानांतरित किए गए खतरों से जूझने वाले अग्निशमन विभाग के कर्मचारी हर पग पर शोषण का शिकार हो रहे हैं। अभावों के बीच गंभीर परिस्थिति में सेवा देने में पीछे नहीं हटने वाले इन कर्मचारियों के द्वारा अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए संविलियन की मांग की जा रही है। पदोन्नति तो इनके लिए दिवास्वप्न बनकर रह गई है। ऐसे हालातों के बीच इन्होंने एक बार फिर छत्तीसगढ़ शासन में उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा से अंबिकापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मुलाकात करके अपनी पीड़ा से अवगत कराया है। इसके पहले जनवरी 2024 एवं पूर्ववर्ती कांग्रेस के शासनकाल में भी वे अपनी मांगों, समस्याओं से जिम्मेदारों को अवगत करा चुके हैं। इसके बाद भी किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है, जबकि विषम परिस्थितियों में इनके द्वारा जोखिम के बीच भूखे-प्यासे रहते हुए दी जाने वाली सेवा किसी से छिपी नहीं है।
आपदाओं के दौरान जान की बाजी लगा कर आमजन के जीवन रक्षा करने वाले अग्निशमन योद्धाओं ने दशकों से लंबित संविलियन एवं पदोन्नति की मांगों और समस्याओं के निदान के लिए एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विजय शर्मा से मुलाकात करके इन्होंने खासतौर पर नगर पालिका, नगर पालिका निगम से प्रतिनियुक्ति पर संलग्न किए गए नियमित अग्निशमन कर्मचारियों के संविलियन एवं पदोन्नति और अस्थाई रूप से सेवा प्रदाता कर्मचारियों के नियमितिकरण सहित एक माह का अतिरिक्त वेतन भुगतान व जोखिम भत्ता प्रदाय करने की मांग की है। उक्त समस्याएं राज्य शासन, जिला प्रशासन, राज्य एवं जिला स्तर पर नगर सेना और निगमों के आला आधिकरियों के समक्ष विगत कई वर्षों से लगातार संचारित हो रहे पत्राचार के बावजूद यथावत हंै। इस दौरान अग्निशमन विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
बिना पत्राचार किए बढ़ा दिया प्रतिनियुक्ति
अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने बताया है कि पूर्व में वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय से कुल 18 नियमित अग्निशमन कर्मचारियों एवं 14 प्लेसमेंट अग्निशमन कर्मचारियों को दो वर्षों के लिए प्रतिनियुक्ति पर संलग्न किया गया था, दो वर्ष पश्चात अग्निशमन कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति को बिना पत्राचार किए बढ़ाया जा रहा है। इनसे आज भी प्रतिनियुक्ति पर काम कराया जा रहा है। 07 वर्ष पश्चात भी इनके संविलियन संबंधित आगामी ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ। इधर वर्ष 2017 में नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय छत्तीसगढ़ को ज्ञापन प्रेषित करने के बाद भी नियमित कर्मचारियों एवं अनियमित रूप से ठेके आदि पर अग्निशमन सेवाएं प्रदाय कर रहे कर्मचारियों की नियमित एवं प्रतिनियुक्ति के मामले में ठोस स्पष्टीकरण नहीं मिल सका है।
नगर सेना में 2017 में हुए हस्तांतरित
वर्ष 2017 में सामान्य प्रशासन एवं गृह विभाग की आपसी सहमति से नगर पालिक निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत अंतर्गत संचालित अग्निशमन विभाग व कर्मचारियों को नगर सेना में हस्तांतरित किया गया था। अधर में लटके ये कर्मचारी अपनी सेवाएं प्रदाय तो कर रहे हैं, लेकिन इन्हें अपने पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ शासन में उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात के बाद इन्हें उम्मीद है कि उनके पक्ष में किसी प्रकार का सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

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