अंबिकापुर। कोरोनाकाल में कम उम्र के बच्चों ने ली ऑनलाइन शिक्षा अब अभिभावकों के लिए सिरदर्द बन गई है। छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल में घंटों रमे नजर आने लगे हैं। घरेलू काम निपटाने में लगी मां भी छोटे बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल में कार्टून, गाना लगाकर शकून महसूस करती हैं, बच्चे की उम्र बढ़ने के बाद में यही उनके लिए सिरदर्द साबित होने लगता है। ऐसे हालातों के बीच दर्दनाक घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। कहीं मोबाइल नहीं खरीदने से रूष्ट होकर कोई मौत को गले लगा रहा है, तो किसी को मोबाइल देखने पर मिलने वाली समझाइश, फटकार नागवार गुजर रही है।

गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुक्तिपारा निवासी एक बालक ने फांसी लगाकर जान दे दी। बालक के द्वारा की गई खुदकुशी का जो कारण सामने आया है, वह न सिर्फ अभिभावकों के लिए विचारणीय है अपितु मोबाइल की लत से बच्चे कैसे दूर रहें, इसे लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
मुक्तिपारा निवासी अंकुश सोनी पिता सत्यनारायण सोनी 15 वर्ष बीते शुक्रवार को घर में मोबाइल देख रहा था। काफी देर से मोबाइल में खोए पुत्र को देखकर स्वजन ने नाराजगी जाहिर की। बालक को इनके द्वारा कही गई बातें नागवार लगी और वह आवेशित होकर घर से बाहर चले गया। स्वजन सोचे गुस्साकर बाहर निकला होगा, लेकिन वह पास ही सामुदायिक भवन के पीछे, किचन शेड में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया था। काफी देर तक बालक के नजर नहीं आने पर स्वजन उसकी तलाश में निकले तो घर के पास ही किचन शेड में वह फांसी पर झूल रहा था। घटना की जानकारी गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई थी, जिस पर पुलिस ने शव पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया है। घटना को लेकर स्वजन शोकाकुल हैं।

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