मामला बस खड़ा करने वाले स्थान पर कार सवारों के द्वारा शराबखोरी का  

गिरिजा ठाकुर 

 अंबिकापुर। शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में केबिनेट मंत्री के रिश्तेदार द्वारा शराब पीकर धौंस जमाने के मामले में पुलिस ने दो लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। बस पार्किंग की जगह पर शराब पी रहा युवक खुद को महिला एवं बाल विकास मंत्री छत्तीसगढ़ शासन का जेठ बता रहा था। कार हटाने को लेकर बनी विवाद की स्थिति के बाद युवक को बस स्टैंड पुलिस सहायता केन्द्र के प्रभारी ने सार्वजनिक स्थल पर शराब करने से मना किया और कार हटाने कहा था। इसके बाद संबंधित पुलिस कर्मी पर ही कार्रवाई की हवा उड़ी। मामला सुर्खियों में आने के बाद किरकिरी की स्थिति बन गई और पुलिस ने देर रात सोशल मीडिया में खंडन जारी करके पुलिस कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होने जैसी स्थिति स्पष्ट किया था। मामले का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हुआ था।

जानकारी के मुताबिक शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में छह दिन पहले बस के ठहराव स्थल पर कार पार्किंग करके दो युवक शराब पी रहे थे। एजेंट सूरज सिंह ने बस के आने पर इन्हें कार हटाने के लिए कहा, जिस पर विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो कथित रूप से कार सवार युवक खुद को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का जेठ बताकर दबंगई दिखाने लगा। इस दौरान कुछ अन्य लोगों से भी विवाद की स्थिति भी बन गई थी। मामले की विवेचना में जुटी पुलिस ने घटना के बाद पांचवें दिन बस एजेंट की रिपोर्ट पर राजू राजवाड़े व राजू सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351-2, 3 (5) व आबकारी एक्ट की धारा 36-च के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। इस दौरान राजू राजवाड़े ने बस स्टैंड के पुलिस सहायता केंद्र में मौजूद प्रभारी से भी पहुंच और प्रभाव का भय दिखाकर हुज्जतबाजी की थी। पुलिस ने दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया था। मामला तूल पकड़ने के बाद जब यह खबर प्रचारित हुई कि मंत्री के जेठ के विरुद्ध कार्रवाई के बजाय पुलिस ने बस स्टैंड सहायता केंद्र प्रभारी देव नारायण नेताम को गांधीनगर थाना भेज दिया है, तो कई प्रकार की बातें सामने आने लगी। वहीं पुलिस अफसरों ने इसे विभागीय प्रक्रिया के तहत नए थाने में पदस्थापना बताया था। वीडियो प्रसारित होने के बाद महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि जो गलत करेगा, उस पर कार्रवाई होगी, चाहे वह मेरे परिवार का सदस्य ही क्यों न हो..? पुलिस ने बस एजेंट की लिखित शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच के बाद अपराध पंजीबद्ध किया है।

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