अलवर के बुद्ध विहार कॉलोनी में रहने वाली एक दुल्हन ने शादी के बाद 5 लाख रुपए नकद और 10 लाख रुपए के जेवर लेकर भाग गई। शादी के बाद खुशी में परिवार ने लगभग 10 लाख रुपए के जेवर भी बनवा दिए। दूल्हे के परिवार ने शादी से पहले उसे 5 लाख रुपए दिए थे। 10 दिन बाद जब दुल्हन का भाई पीहर वापस लेने आया, तो परिवार ने उसे वापस भेज दिया। इसके बाद जब दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने आगरा गया, तो दुल्हन के परिवार वालों ने उसे धमकाया और कहा कि अगर वो दोबारा आया तो मुकदमा दर्ज करके जेल भेज भिजवा देंगे। यूपी पुलिस ने दूल्हे के परिवार को बताया कि बरौली गुर्जर गांव में ऐसे 15 से 20 परिवार हैं जो इसी तरह की ठगी करते हैं। अब दूल्हे के परिवार ने शिवाजी पार्क थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

रामवीर सिंह और उनकी पत्नी अर्चना देवी, जो आगरा, उत्तर प्रदेश के शमशाबाद रोड स्थित वृंदावन जगजीत नगर के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी भतीजी मनीषा तोमर का विवाह करना है। उन्होंने कहा, हम आपके बेटे कुलदीप सिंह से अपनी भतीजी का विवाह करा सकते हैं। लेकिन, विवाह का सारा खर्च दूल्हे के पक्ष को उठाना होगा। इस पर सहमति बनने के बाद, पूरा खर्च वहन करते हुए कुलदीप और मनीषा का विवाह सम्पन्न हुआ। विवाह से पहले लड़की वालों ने खर्च के नाम पर तीन लाख रुपये लिए थे। बाद में 20 जनवरी को आगरा के जगजीत नगर से बारात लेकर गए, जहाँ राजपुर चूंगी, शमशाबाद में विवाह सम्पन्न हुआ, हालांकि दुल्हन का मूल गाँव बरौली गुर्जर पास में ही था। शादी के बाद मनीषा अपने ससुराल अलवर के बुध विहार आई।

ससुराल आने पर परिवार ने खुशी में उसे कई सोने के जेवर जैसे – नथ, टीका, कंठी, मंगलसूत्र, हार, बाजूबंद, चूड़ियां, अंगूठियां, कमरबंद, चांदी के पायजेब और चुटकियां आदि पहनाए। लगभग 10 लाख रुपये के ये जेवर थे। इसके बाद परिवार देवी-देवताओं के दर्शन करने गया। 11 नवंबर को मनीषा का भाई नीरज, पंकज और कृष्णा उसे लेने आए। मनीषा ने सारे जेवर पहनकर पिहरे के लिए निकलने की तैयारी की। लेकिन जब कुलदीप उसे वापस ले जाने आया तो मनीषा के पिता, माता, चाचा-चाची ने उसे वापस जाने से मना कर दिया और धमकी भी दी। इस तरह मनीषा के परिवार ने 5 लाख रुपये नकद और करीब 10 लाख के जेवर ठग लिए। जिसकी शिकायत कुलदीप ने पुलिस में दर्ज कराई है।

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