पुलिस अधीक्षक ने की थी पांच हजार रुपये ईनाम की उद्घोषणा

अंबिकापुर। सरगुजा जिला के लुण्ड्रा थाना पुलिस ने स्कूल के प्रवेश द्वार से किशोरी को बलपूर्वक ले जाकर दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। किशोरी को मोटरसाइकिल में ले जाकर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी जबरदस्ती हवस का शिकार बनाया था। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में 5000 रुपये ईनामी राशि की उद्घोषणा की थी।

जानकारी के मुताबिक 09 मार्च को दिन में 11 बजे के लगभग भारत माता स्कूल पटोरा के फादर ने फोन करके किशोरी के स्वजन को बताया था कि उनकी बेटी का बैग स्कूल के गेट के पास फेंका हुआ है और वह स्कूल में नहीं है। स्वजन ने फादर को बताया कि उनकी लड़की स्कूल जाने के लिए नियत समय में निकली है। स्कूल के फादर से मिली सूचना के बाद घबराए स्वजन उसे खोजने के लिए निकले। इसी दौरान दोपहर लगभग दो बजे स्कूल के पास एक लड़के के साथ वह नजर आई। इसके बाद लड़का उसे छोड़कर भाग गया था। पूछताछ में सामने आया कि घटना तिथि को लगभग 07 बजे संदीप तुरी मोटरसाइकिल में स्कूल गेट के पास आया और उसका बस्ता वहीं फेंक दिया। इसके बाद वह उसे स्कूल के अंदर घुसने नहीं दिया और डराते-धमकाते हुए करौली स्टोर रूम से कुछ दूर नहर के पास झाड़ी में ले गया। यहां मार देने की धमकी देते हुए जबरदस्ती दुष्कर्म किया। किशोरी के चिल्लाने पर उसे मोटरसाइकिल में बैठाकर स्कूल के पास तक आया और उसे छोड़कर भाग गया था। मामले में थाना लुण्ड्रा में केस पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना में लिया था और फरार आरोपी के तलाश में लगी थी। स्कूल के गेट पर हुई इस घटना को पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने गंभीरता से लिया था और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये ईनाम की उद्घोषणा की थी। पुलिस को मुखबिर व माध्यम से आरोपी के कोरिया जिला के पटना, विश्रामपुर, प्रतापपुर, शंकरगढ़, बलरामपुर एवं अन्य संभावित जगहों पर रहने की सूचना लगातार मिल रही थी, किन्तु बार-बार जगह बदलने के कारण वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था। पुलिस ने आरोपी की पतासाजी के लिए मुखबिरों का जाल बिछाकर रखा था। इसी क्रम में पुलिस को आरोपी के लाउ राजपुर में होने की सूचना मिली और लुण्ड्रा थाना पुलिस ने त्वरित दबिश देकर आरोपी संदीप उर्फ पिन्टू तुरी पिता नान्हू तुरी 20 वर्ष, निवासी ग्राम आमगांव को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। आरोपी के धरपकड़ व गिरफ्तारी में थाना लुण्ड्रा से आरक्षक अनिल बड़ा, हेमंत लकड़ा, जगेश्वर तिर्की, अनिल मरावी, दीपक पाण्डेय, महिला आरक्षक प्रेमा मरावी एवं चैकी रघुनाथपुर से मकरध्वज पैंकरा सक्रिय रहे।

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