राज्य आंदोलन के दौरान दो अक्तूबर 1994 को चर्चित रामपुर तिराहा कांड में दोषी पीएसी के दो सिपाहियों को आजीवन कारावास की सजा मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों ने न्यायालय के फैसले की सराहना की है। राज्य आंदोलनकारी विजय भट्ट ने बताया कि आंदोलन के समय उन्हें भी बरेली के नवाबगंज में रखा गया था। जो अधिकारी और नेता इस कांड में लिप्त थे, उन्हें भी जल्द सजा मिले।

राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक ने बताया कि लंबी लड़ाई के बाद फैसला आया है। इस कांड में अभी मुख्य किरदार जिन बड़े अधिकारियों ने निभाया है, उनको सजा मिले बिना राज्य आंदोलनकारियों को शांति नहीं मिलेगी।

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