बलरामपुर के आंवराझरिया घाट में अंबिकापुर की युवती का शव मिलने की घटना का पर्दाफास की पुलिस

आरोपी का 28 नवंबर को था विवाह, पुलिस हत्या व साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज की

बलरामपुर। कोतवाली बलरामपुर के औराझरिया घाट में मिले युवती के शव की गुत्थी पुलिस सुलझा ली है। पुलिस ने युवती के प्रेमी अजीत कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है, जो ग्रामीण बैंक में कार्यरत है। घटना के बाद आरोपी का पता नहीं चलने से क्षुब्ध मृतिका के पिता ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी, वहीं पुलिस के द्वारा घटना को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप भी लगा था।
बता दें अंबिकापुर ब्लॉक के ग्राम सुखरी की 23 वर्षीया पूजा देवांगन की लाश आंवराझरिया घाट पर बीते 19 नवंबर की शाम को मिली थी। पुलिस को पूजा के शव के पास विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, एक लाख रुपये का ब्लैंक चेक व मृतिका का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन मिला था। पुलिस इन सामानों को जब्त कर घटनाक्रम के जांच में जुटी थी। पुलिस ने घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट व सायबर सेल की भी मदद ली थी। सायबर सेल ने तकनीकि आधार पर अजीत पाठक नामक युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ की और सारे घटनाक्रम का पर्दाफास हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपी अजीत पाठक रामानुजगंज ग्रामीण बैंक में पदस्थ है। उसने गिरफ्त में आने के बाद पूजा देवांगन से अंबिकापुर में पदस्थापना के दौरान जान-पहचान और तीन वर्षों से प्रेम संबंध होना बताया। आरोपित का कहना है कि उसका विवाह अन्यत्र लगा था। 28 नवंबर को उसकी शादी होनी थी, इससे विरोध पूजा ने किया था। इसके बाद आरोपी उसे मिलने के लिए बुलाया। मृतिका को आरोपी बलरामपुर बुलाया और उसे कलेक्टोरेट के पास से अपने कार से बैठाकर औराझरिया  घाटी की तरफ से ले गया। घटना तिथि 19 नवंबर की दोपहर बलरामपुर पहुंची थी और शादी करने के लिए दबाव बनाते हुए घर जाने से रोक रही थी। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी और तैश में आकर वह अपनी नेक्सान कार क्रमांक सीजी 15 डीव्ही 6495 से उसे ठोकर मार दिया था। इसके बाद कार से उतरकर मृतिका का नाड़ी टटोला, लेकिन उसकी सांस नहीं चल रही थी। इसके बाद आरोपी अजीत पाठक मौके से फरार हो गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक नरेंद्र त्रिपाठी, सउनि अश्विनी सिंह, प्रधान आरक्षक शीपक रंजन शर्मा, विवेकमणि तिवारी, आरक्षक सचिन, शिवशंकर, कृष्णा हालदार, सूरजदेव, महेंद्र गुप्ता, महिला आरक्षक अनिमा किण्डो, माधुरी कुजूर शामिल रहे।
पीएम रिपोर्ट मिलने पर पुलिस की सूक्ष्म जांच
मृतिका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सा अधिकारी ने ठोकर से चोट लगने और मौत का उल्लेख किया था। युवती की मौत आंतरिक अंगों के डैमेज होने से हुई थी। जबकि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल निरीक्षण प्रतिवेदन में वांछित फोटो संलग्न कर संपूर्ण चोट, शारीरिक स्थिति से अवगत कराया था। इसके अतिरिक्त साक्षी वृतिका के पिता हीराधान एवं अन्य लोगों से पूछताछ के बाद महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को हाथ लगी थी। जांच में ग्रामीण बैंक रामानुजगंज में कार्यरत अजीत पाठक पिता मृत्युंजय पाठक से प्रेम संबंध एवं लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई थी।
आरोपी ने पुलिस को ऐसे किया गुमराह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया प्रथम चरण में संदेही अजीत पाठक से पुलिस जब पूछताछ की तो उसने अपने कथन में बताया था कि घटना दिनांक को वह बाइक से बलरामपुर आते वक्त मृतिका से मिला और उसे आंवराझरिया ले गया। यहां से वापस बलरामपुर आते समय वह बाइक से गिर गई थी। काफी आगे जाने के बाद उसे बाइक में पूजा के नहीं होने का एहसास हुआ और वह वापस जाकर देखा तो उसकी प्रेमिका गिरी पड़ी थी, वहां लोग खड़े थे। मौके पर मौजूद लोग पूजा देवांगन की मृत्यु होना बता रहे थे, इसे सुनकर वह मौके से निकल लिया। दूसरी बार पूछताछ के पहले पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया, जिसमेें संदेही घटना के पूर्व आरोपी के काली रंग की नेक्सान कार से निकालने की पुष्टि हुई। घटना के बाद इसी कार से वापस आना भी सामने आया। इसके बाद आरोपी ने अपनी कार मृतिका पूजा देवांगन के शरीर में चढ़ाना स्वीकार किया। पुलिस ने तत्काल कार का निरीक्षण किया तो हेडलाइट में गुलाबी रंग के कपड़े व धागा फंसना पाया गया। वहीं इंजन गार्ड में रगड़ के निशान मिले। मोबाइल चेकिंग के दौरान भी काफी जानकारी पुलिस को हाथ लगी थी।
इसलिए उतारा मौत के घाट
एएसपी ने बताया मृतिका लगातार आरोपी के साथ रहने की बात कर रही थी और उसके घर जाना चाहती थी। वह दूसरी महिला के साथ शादी नहीं करने की बात कर रही थी। आरोपी ने बदनामी के डर से पूजा को अपने रास्ते का कांटा समझा और उसे लगा कि यदि यह जीवित रहेगी तो शादी में विघ्न उत्पन्न करेगी। आरोपी को लगातार डर सता रहा था की कहीं विवाह रोकने वह उसके घर तक न पहुंच जाए। इससे निजात पाने के लिए वह उसकी हत्या करने की साजिश रच डाला और कार उस पर चढ़ाकर मौत की नींद सुला दिया। वहीं घटना को एक सामान्य दुर्घटना का रूप देने की कहानी रच डाला।
औरंगाबाद में कराया कार मरम्मत
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अजीत पाठक क्षतिग्रस्त कार के हिस्से को औरंगाबाद में ले जाकर कर मरम्मत कराया था। सारी सच्चाई सामने आने के बाद बलरामपुर पुलिस ने आरोपी अजीत कुमार पाठक निवासी ग्राम यमुनानगर औरंगाबाद बिहार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रेमिका पर कार चढ़ाकर उसकी हत्या करने के बाद मौके पर पहुंचा था। इस दौरान भटगांव का एक पिकअप चालक मौके से गुजर रहा था। वह युवती को सड़क पर पड़े देखा, और आरोपी के सहयोग से उसे सड़क के किनारे कर दिया था। पिकअप चालक को नहीं मालुम था कि घटना का आरोपी यही है। इसे आरोपी ने पुलिस के समक्ष पूछताछ में भी स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध धारा 302, 201 का अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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