एक दिन पहले पूर्व मंत्री के निवास में पहुंचे थे, बुधवार की सुबह टहलने निकले, कुछ घंटे बाद फांसी में लटका मिला शव

अंबिकापुर। शहर के नामचीन व्यवसायी व छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण में सदस्य रहे कांग्रेस नेता सुरेश अग्रवाल ने बुधवार की सुबह अंबिकापुर स्थित अपने निवास में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वे प्रदेश के पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के अत्यंत करीबी थे। हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव संचालन की कमान संभालने में उन्होंने महति भूमिका निभाई थी। एक दिन पहले ही वे पूर्व मंत्री के निवास में अन्य कांग्रेसजनों के साथ चर्चा में शामिल हुए थे। इसके बाद अकस्मात उनके द्वारा उठाए गए कदम ने हलचल मचा दी है। इसकी खबर मिलते ही पूर्व खाद्य मंत्री मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और घटना के प्रति दु:ख व्यक्त करते हुए शोकाकुल स्वजनों को सांत्वना देते रहे।
जानकारी के मुताबिक मृतक सुरेश अग्रवाल पिता स्व. रामेश्वर दास अग्रवाल 64 वर्ष अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक 35, सेठ बसंतलाल मार्ग निवासी थे। वे कांग्रेस सरकार में प्रदेश के खाद्य मंत्री रहे अमरजीत भगत के काफी करीबी थी। विधानसभा चुनावों में वे अमरजीत भगत के पक्ष में चुनाव संचालन की जिम्मेदारी काफी संजीदगी से निभाते आ रहे थे। बुधवार की सुबह लगभग पांच बजे वे अपनी पत्नी दयावंती को रोजाना की भांति टहल कर आने की बात कहकर निकले, इसके बाद कब घर वापस आए इससे स्वजन अनभिज्ञ थे। सुबह इनका लड़का मुकेश अग्रवाल अपने पिता की मोबाइल घर में देखकर उनके बारे में पूछताछ किया, तो पता चला वे टहलने गए हैं। सात बज चुके थे और उनकी वापसी घर में नहीं हुई थी, इससे स्वजन चिंतित हो उठे। मुकेश ने मंत्री अमरजीत भगत को फोन करके पिता के घर में नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद खोजबीन करते लगभग साढ़े आठ नीचे बेसमेंट में पहुंचे तो फांसी में उनका शव लटक रहा था। इस दृश्य को देखकर परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए। आनन-फानन में फांसी के फंदे से उन्हें उतार कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, यहां 9.23 बजे चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर के व्यवसायी भी घटनाक्रम को लेकर पशोपेश में हैं। हंसमुख, मिलनसार स्वभाव के सुरेश अग्रवाल ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर शहर के व्यवसायियों सहित गणमान्यजनों का हुजूम अस्पताल में जमा हो गया। पुलिस ने फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है।

भरोसेमंद साथी था मेरा-अमरजीत भगत

सुरेश अग्रवाल के द्वारा फांसी लगाकर की गई खुदकुशी की खबर मिलने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा भरोसेमंद साथी था मेरा, चुनाव के संचालन में खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण के सदस्य सुरेश की अहम भूमिका थी। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद दु:खी रहते थे, कहते थे अब क्या होगा। मैं दिलासा देता था सब ठीक हो जाएगा। मंगलवार को दिन में 11 बजे से डेढ़ बजे के बीच वे कांग्रेस के अन्य साथियों के साथ वे मेरे निवास में रहे। काफी बातें होती रही और बुधवार को बतौली में चलने का प्रोग्राम तय हुआ। शाम को उन्होंने पुन: फोन किया, उस समय मैं राजू अग्रवाल के यहां उनकी पुत्री के विवाह कार्यक्रम पूर्व हो रहे आयोजन में शामिल था। यहां व्यस्तता के कारण मैंने कहा सुबह बात करेंगे। सुबह उनके लड़के का फोन आया कि पापा घर में नहीं हैं, मोबाइल छोड़कर कहीं गए हैं। मैंने जानकारी लेने के लिए कहा। इसके बाद घर में फांसी लगाकर खुदकुशी करने की खबर सुनकर अवाक रह गए। उन्होंने घटना पर दु:ख व्यक्त किया।

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