घुटरापारा इलाके में बैनर टांगकर कतिपय लोग विरोध जता रहे थे

अंबिकापुर। महामाया मंदिर के पास घुटरापारा में विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण के पूर्व से ही चुनाव बहिष्कार, विधायक प्रत्याशी के बहिष्कार जैसी बातें निरंतर सामने आ रही थी। यहां ऐसा ही कुछ बैनर भी टांगा गया था। चर्चा होने लगी थी कि भटगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कद्दावर नेता शफी अहमद को टिकट नहीं देने का खामियाजा इस बार टीएस बाबा को भुगतना पड़ेगा। इन अटकलों पर तो स्वयं शफी अहमद ने यह कहकर विराम लगा दिया कि टीएस सिंहदेव से उनके रिश्ते टिकट से ऊपर हैं। ऐसी बातों को उन्होंने अफवाह करार दिया था। इधर जिस इलाके में जर्जर सड़क को लेकर अंबिकापुर विधायक के विरोध की बातें हवा में उड़ रही थी, उसी इलाके के लोगों ने सिंहदेव के प्रति अपनी आस्था जताते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे ‘बाबाÓ अर्थात ‘टीएस सिंहदेवÓ के साथ हैं।

इसके पहले मुद्दा वार्ड के अवरूद्ध विकास कार्य, खस्ताहाल सड़क का था। इस वार्ड मेें भाजपा के पार्षद हैं। विकास कार्य के प्रति किसकी अरूचि रही, पार्षद या विधायक की? जो नाराजगी का प्रमुख कारण बन रही थी। कांग्रेस का कहना है कि नगर के विकास के लिए पार्षद नहीं यहां रहने वाले महत्वपूर्ण हंै। हालांकि इसे ‘विकास में रोड़ाÓ इंगित कर शहर विधायक से जोड़ दिया गया और विधायक के विरोध की बातें होने लगी। बैनर टांगकर इसे प्रचारित करने का प्रयास भी किया गया। हवा ऐसी शख्सियत से जुड़कर बहने लगी, जो सरगुजा पैलेस के अत्यंत करीबी हैं। स्थिति स्पष्ट करने के बाद श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद सिंह गप्पू इस इलाके में पहुंचे, तो थोड़ी-बहुत नाराजगी के बीच यहां के लोगों ने अपनी आस्था टीएस बाबा के प्रति जताई। इससे भ्रम की स्थिति काफी हद तक दूर हो गई है। इन परिस्थितियों के बीच यह चुनाव कांग्रेस व भाजपा के बीच टकराहट का संकेत जरूर दे रहा है, पर मतदान के पूर्व बढ़ती कांग्रेस जनों की सक्रियता मतदाताओं की दशा और दिशा परिवर्तित करती नजर आ रही है। कांग्रेस के हर वरिष्ठजनों ने चुनाव तिथि नजदीक आने के साथ मैदानी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। अंबिकापुर विधानसभा के कोने-कोने तक जहां एक ओर स्टार प्रचारक शफी अहमद का पहुंचना हो रहा है, वहीं टीएस ङ्क्षसहदेव के छोटे भाई अरूणेश्वर शरण सिंहदेव, भतीजा आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, बहन पूर्व मंत्री हिमाचल प्रदेश आशा कुमारी, बहू त्रिशाला सिंहदेव भी गांव-शहर में घर-घर पहुंच बनाने में लगे हैं। कांग्रेस के अन्य दिग्गज व युवा भी अंतिम दौर पर चुनावी बयार को गति देने में पीछे नहीं हैं।

विधानसभा क्षेत्र में गोड़ मतदाता की है बहुलता
एक आंकलन के मुताबिक अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में गोड़ मतदाताओं की संख्या 30 हजार के लगभग है। इसके बाद हिंदू व क्रिश्चन उरांव 28 हजार, कंवर व ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 22-22 हजार है। इसी क्रम में घटते क्रम में मुस्लिम, रजवार के अलावा गुप्ता, अनुसूचित जाति यादव समाज के लोग आते हैं। इनमें मतदाताओं की संख्या लगभग क्रमश: 16 से 12 हजार के बीच है।

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