क्या मल्लिकार्जुन खरगे के को खुश करने जन्माष्टमी का विरोध कांग्रेस सरकार ने करवाया है : साव

 

रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने जशपुरनगर जिले में जन्माष्टमी पर्व मनाने से रोके जाने और ईसाई समुदाय के एक जत्थे द्वारा संसदीय सचिव यू.डी. मिंज का नाम लेकर ग्रामीणों के साथ की गई गुण्डागर्दी-मारपीट की सामने आई घटना को लेकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया है कि क्या अब कांग्रेस राज में छत्तीसगढ़ में राम और कृष्ण की पूजा करने पर भी पाबंदी है? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे ने हाल ही सनातन धर्म का अपमान किया है और अब क्या मल्लिकार्जुन खरगे के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें खुश करने के लिए जन्माष्टमी का विरोध छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने करवाया है? इस सवाल का जवाब कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देना ही पड़ेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धर्मांतरण के घातक एजेंडे को प्रदेश सरकार के राजनीतिक संरक्षण के चलते बस्तर क्षेत्र के साथ ही अब सरगुजा की स्थिति भी बिगड़ती जा रही है। यह जशपुर की घटना के बाद स्पष्ट हो गया है। प्रदेश सरकार न केवल जशपुर की घटना के आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करे, अपितु अपने संसदीय सचिव को तत्काल बर्खास्त करके उनकी भूमिका को भी कानूनी जाँच के दायरे में लाए जिनका नाम ले-लेकर गुण्डे जन्माष्टमी मनाने का विरोध करके ग्रामीणों के साथ मारपीट कर रहे थे। साव ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म का अपमान करने और उसके तीज-त्योहारों को मनाने से रोकने के लिए घर में घुसकर की गई मारपीट की यह वारदात प्रदेश सरकार के संरक्षण के बिना कतई संभव नहीं है। जन्माष्टमी मनाने से रोकने गए गुण्डों ने संसदीय सचिव मिंज का नाम लेकर हिन्दुओं के साथ घर में घुसकर उस समय मारपीट की। जब ग्रामीण जन्माष्टमी मनाने के लिए एक बैठक कर रहे थे। अब प्रदेश सरकार को इस घटना को लेकर अपनी भूमिका का सच प्रदेश के सामने रखकर यह बताना चाहिए कि आखिरकार कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सांत वातावरण में जहर घोलकर अपने किन मंसूबों को पूरा करने की फिराक में है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में छत्तीसगढ़ में अब यह हालत है कि जन्माष्टमी भी नहीं मनाने दी जा रही है। सनातन परंपराओं, सनातन पर्वों को खत्म करने की कांग्रेस की यह साजिश छत्तीसगढ़ की जनता को साथ लेकर भाजपा कभी सफल नहीं होने देगी। हाल ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी और अगले दिन कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियंक ने उदयनिधि के बयान का खुला समर्थन किया था। भारत का इतिहास रहा है जिसने भी सनातन पर आँख उठाई, वह समाप्त हो गया है। कांग्रेस की प्रदेश सरकार के राज में हुए इस कृत्य को कभी जनता माफ नहीं करेगी, सनातन प्रेमी कभी माफ नहीं करेंगे। प्रदेश में जबसे कांग्रेस सत्ता में आई है, धर्मांतरण और तुष्टीकरण का घिनौना खेल चल रहा है। अभी कुछ महीनों पहले ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सरगुजा संभाग में एक आदिवासी युवती को बिना जानकारी दिए उसका मुस्लिम युवक से विवाह कराके छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाके के डेमोग्राफिक चेंज का षड्यंत्र रचकर प्रदेश सरकार ने गंभीर अपराध और धार्मिक उन्माद को बढ़ाने वाला कृत्य किया था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साव ने कहा कि सरगुजा संभाग में ईसाई समुदाय के लोगों की यह गुण्डागर्दी सामने आई है। एक परिवार की चापलूसी में धर्मांतरण जैसे घातक एजेंडे को संरक्षण देना और तुष्टिकरण करना मुख्यमंत्री बघेल की राजनीतिक नियति हो गई है। भाजपा का यह स्पष्ट मत रहा है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को दोहरे तरह से टारगेट किया जा रहा है। एक ओर ईसाई मिशनरियों से धर्मांतरण का खतरा तो अपनी जगह चिंता का विषय है ही, दूसरी तरफ जनजातीय बहनों का संपत्ति और सरकारी सुविधाओं, राजनीतिक लाभ उठाने के मंसूबे से निकाह कराया जा रहा है। यह बात प्रदेश की जनता भली-भाँति समझ रही है कि हिंदुत्व की चर्चा और हिंदुओं के एकत्रीकरण से मुख्यमंत्री बघेल अपनी कांग्रेस संस्कृति के चलते तिलमिला रहे हैं। कांग्रेस और स्वयं मुख्यमंत्री बघेल के पिता सनातन धर्म को लेकर अनर्गल प्रलाप करने में जरा भी नहीं हिचकिचाते। कांग्रेस को जब वोट चाहिए होता है तो उसके नेता कोट के ऊपर जनेऊ धारण करने और मंदिर-मंदिर जाने के तमाम सियासी प्रपंच रचते हैं और फिर हिंदू, हिंदुत्व और सनातन संस्कृति को अपमानित करने में लग जाते हैं।

Categorized in: