मानीटरिंग के अभाव में सड़क के बाद हो रहा निम्न स्तर की नाली का निर्माण

प्रतापपुर। लोक निर्माण विभाग द्वारा डांडकरवा चौक से रमकोला तक सड़क और बारिश के दिनों में सड़क के दोनों ओर से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की मांग क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे, जिसका काम शुरू जरूर हुआ, परंतु निर्माण के पूरा होने से पहले ही घटिया नाली निर्माण की पोल खुल गई। नालियों में दरारें साफ नजर आ रही हैं। नाली निर्माण के दौरान वाइब्रेटर का इस्तेमाल नहीं हुआ, जिससे मसाला अच्छे से नहीं बैठ पाया, परिणामस्वरूप छड़ स्पष्ट बाहर दिख रहा है। वहीं क्युरिंग के लिए अब तक पानी भी नहीं डाला गया है। नाली निर्माण के स्तर की तस्वीर बता रही है किस प्रकार निम्न स्तर का काम करके शासन के धनराशि की बर्बादी की गई। देखरेख के अभाव में ठेकेदार ने पहले तो गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण करा डाला, जो निर्माण के एक माह बाद ही उखड़ गई। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से ठेकेदार गुणवत्ताहीन तरीके से कार्य करा रहा है। दूसरी ओर सड़क के दोनों ओर गांव के बीच नाली निर्माण भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। जिस अभियंता को मानीटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है, वे वाड्रफनगर में निवास करते हैं। महीने में एकाध बार आ गए तो बड़ी बात है, जिसका भरपूर फायदा ठेकेदार द्वारा उठाया जा रहा है। नाली निर्माण में स्तरहीन गिट्टी, छड़ और सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। गुणवत्ताहीन सामग्री से ठेकेदार ने 90 फीसदी कार्य को अंजाम दे डाला है, जिम्मेदार अफसर मौन हैं। जिम्मेदार अधिकारी के सांठ-गांठ के चलते ठेकेदार के हौसले बुलंद है। इधर विभाग के एक अफसर का कहना है कि निर्माण कार्य का बराबर निरीक्षण किया जा रहा है। अगर जिम्मेदार अफसर मानीटरिंग कर रहे हंै तो निम्न स्तर का कार्य कैसे हो रहा है, यह समझ से परे है। ऐसे में जिम्मेदार अफसर के मानिटरिंग पर भी सवाल उठ रहे है। ग्रामीणों का कहना है बारिश के पानी के निकासी की जरूरत को देखते हुए वे गुणवत्ताहीन कार्य का विरोध नहीं कर पा रहे है।

निर्माण कार्य को लेकर असंतुष्ट नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार डांड करवा राधेश्याम तिर्की का कहना है कि नाली निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर ग्रामीणों द्वारा उनसे शिकायत की गई थी, जिस पर वे खुद मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किए। वे नाली के ढक्कन पर खड़ा हुए थे कि स्लैब टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वे बाल-बाल बच गए। इसकी जानकारी अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर को उन्होंने दिया है। प्रतिवेदन बनाकर जल्द ही कलेक्टर सूरजपुर को इसकी जानकारी प्रस्तुत करेंगे।

एसडीओ भी स्वीकार रहे निर्माण कार्य घटिया
लोक निर्माण विभाग के ईई बलरामपुर रामानुजगंज से चर्चा करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं करने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया। वाड्रफनगर उपसंभाग के एसडीओ से बात करने पर उनका तर्क हैराना करने वाला था। उन्होंने कहा मैं तो चाहता हूं कि नाली जो बन रही है वह टूट जाए, क्योंकि वर्तमान में ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा कार्य घटिया है, उसे फिर से बनवाया जाएगा। सवाल यह उठता है कि अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी ठेकेदार घटिया निर्माण किसके इशारे पर कर रहा है।

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