बलरामपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर तहसील कार्यालय हमेशा सुर्खियों में रहा है तहसीलदार ने एक और नए कारनामे कर डाले सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। कोरोना कोविड-19 में बाल विवाह की अनुमति दे दी। अब दंडाधिकारी के विरुद्ध कौन करेगा कार्यवाही। सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।

पूरे भारत मे शासन का निर्देश है कि शादी के लिए लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 होना अनिवार्य है। बाल विवाह प्रथा पे शासन- प्रशासन पूरी तरह से रोक लगा रही है। एक और तहसीलदार एवं कार्यपालिका दंडाधिकारी सुरेश रॉय ने पत्र क्रमांक 1493 वाचक/कोविड-19/2020 दिनांक 10 जून 2020 को बाल विवाह की अनुमति दे डाली। ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर निवासी प्रभुराम पिता जगदीश गोड़ की नाबालिग़ पुत्र की शादी 19 जून को होनी थी। प्रभुराम गोड़ ने कार्यालय तहसीलदार एवं कार्यपालिका दंडाधिकारी के समक्ष शादी की अनुमति के लिए नाबालिग़ पुत्र का आधार कार्ड, अंक सूची,पासपोर्ट साइज की फ़ोटो सहित सभी दस्तावेज प्रस्तुत किया।

नाबालिग़ युवक का आधार कार्ड में जन्म तिथि 27/06/2001अंकित हैं।एक जवाबदार दंडाधिकारी अपने स्वार्थ के लिए यह सब जानते हुए की युवक नाबालिग़ है उसके बाद भी नियम और कानून को ताक में रखकर बाल विवाह की अनुमति दे दी। युवक की 19 जून को सामाजिक रीति-रिवाज के साथ बाल विवाह भी सम्पन्न हो गई। इतना होने के बाद भी तहसीलदार ने पत्र क्रमांक 1494 बलरामपुर कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस थाना, पुलिस चौकी,खंड चिकित्सा अधिकारी को अनुमति की प्रतिलिपि भेज डाली। एक ओर सरकार वाल विवाह प्रथा घूम-घूम कर पूरी तरह रोक लगा रही है एक ओर दंडाधिकारी के द्वारा बाल विवाह प्रथा की बढ़वा दी जा रही है। आप को बता दे तहसील में कई मामले पेंडिंग पड़े हुए है। सूत्रों ने यह भी बताया कि तहसीलदार अधिकांश मुख्यालय छोड़ अपने निवास अंबिकापुर में ही रहना पसंद करते है। गांव के गरीब तबके के लोग आदिवासी,पंडोजनजाति, पहाड़ी कोरवाओं को छोटी-छोटी कार्यो के लिए तहसील कार्यालय का महिनों चक्कर लगाना पड़ता है यहां का तहसील हमेशा सुर्खियों में रहा है। तहसील कार्यालय में नियम और कानून को ताक में रख कर कार्य किया जा रहा है। अब देखना यह है कि लापरवाह तहसीलदार के विरुद्ध कौन करेगा कार्यवाही।जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तहसीलदार को तत्काल हटाने की मांग है।

आरएस.लाल, एसडीएम-राजपुर-मामला प्रकाश में आया है जांच कराई जा रही है गलत पाए जाने पर तहसीलदार के ऊपर कानूनी कार्यवाई की जायेगी।

बीएमओ, डॉ.रामप्रसाद तिर्की,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तहसील कार्यालय से किसी प्रकार का स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कोई दस्तावेज नही आया है।

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