पांच घंटे स्कूल परिसर में रही टीम, कार्रवाई का कारण बताने से कतराते रहे

अंबिकापुर। सरगुजा साइंस ग्रुप एज्युकेशन सोसायटी, अंबिकापुर द्वारा लुण्ड्रा ब्लॉक के ग्राम पंचायत राता में 2009 से छत्तीसगढ़ विद्या निकेतन का संचालन किया जा रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में 305 छात्र-छात्राएंं अध्ययनरत थे, जिसमें से आरटीई एवं अन्य माध्यमों से 100 से अधिक छात्र-छात्राएंं विद्यालय में नि:शुल्क अध्ययन कर रहे हैं। 15 जून को लुंड्रा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, एबीईओ एवं लुंड्रा थाना की टीम ने स्कूल में एक बजे छापा मारा। स्कूल परिसर के सामने जमीन मालिक समल साय निवास करते हैं, उनके लड़के के विवाह के लिए ऑफिस छोड़ कर पूरा परिसर उपलब्ध कराया गया था। इस दौरान प्रशासन की टीम को 3-4 किलो महुआ पानी में भिगोया हुआ मिला, जिसे लेकर उन्होंने समल साय एवं प्रधानपाठक अजय सिंह पर कार्रवाई की शक्ल में पंचनामा बनाया, साथ ही पूरे स्कूल परिसर का वीडियो एवं फोटो लिया। दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक स्कूल परिसर में पूरी प्रशासनिक टीम रही। गांव वालों ने कार्रवाई का कारण जानना चाहा तो अधिकारियों ने किसी को कुछ नहीं बताया। पूछने वालों को विभिन्न धाराओं में फंसाने की बात करते रहे। शाम को सात बजे अजय सिंह एवं समल साय को थाना ले जाया गया। इस दौरान रात के 11 बजे तक थाना में दोनों को बिठा कर रखा गया। रात में रुपये का डिमांड करते हुए दोनों को इस शर्त पर छोड़ा गया कि अगले दिन 10 बजे तक रुपये लेकर आएंगे। मामले में पूरी प्रशासनिक टीम एवं पुलिस द्वारा न तो किसी जब्ती की कॉपी दी गई, ना ही थाने की कार्रवाई की। स्कूल 26 जून से खुलना है और बंद स्कूल में इस तरह की कार्रवाई करना समझ से परे है।

स्कूल परिसर में दिया सांकेतिक धरना
16 जून को प्रशासनिक अमले की इस बेतुकी कार्रवाई को लेकर ग्राम पंचायत राता के स्कूल परिसर में ग्राम पंचायत राता, कोरिमा, जमड़ी, करदोनी, डकई के लोग काफी संख्या में सुबह 7 बजे से जुटे और आपसी सहमति से 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। आमजनों एवं अभिभावकों ने इस कार्रवाई की निंदा की है। साथ ही कहा है कि यदि आगे कुछ भी कार्रवाई हुई तो जिला मुख्यालय अंबिकापुर में प्रदर्शन एवं धरना देकर सरकार से जवाब मांगेंगे। यदि बिना किसी जानकारी,जब्ती के कागज दिए किसी पर कोई कार्रवाई हुई तो पुलिस के विरुद्ध भी प्रदर्शन करेंगे।

विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन की निंदा
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 13-14 सालों से स्कूल संचालित है, आज तक कोई समस्या नहीं हुई। 200, 250, 300 रुपये में अच्छी पढ़ाई और कई बच्चों को नि:शुल्क अध्ययन की सुविधा दी जा रही है। कम रुपये में जितनी व्यवस्था एवं सुविधा विद्यालय दे रहा है, उससे अभिभावक संतुष्ट हैं। नंगे पांव सत्याग्रह के राजेश सिंह सिसोदिया, चिराग वेलफेयर सोसायटी के मंगल पांडेय ने स्कूल पहुंच कर धरने को अपना समर्थन देते हुए कार्रवाई की निंदा की।

साजिश के तहत कार्रवाई-अंचल ओझा
संस्था के संस्थापक अंचल ओझा ने कहा कि पूरी कार्रवाई सोची समझी साजिश है। संस्था को बदनाम करने का कृत्य है। स्कूल का मान्यता रद्द करना था तो कार्रवाई करनी थी, लेकिन बंद स्कूल में जाकर 6-7 घंटे बैठना, थाने में देर रात तक ले जाकर बैठना किसी साजिश की ओर इशारा करता है। स्कूल सामाजिक कार्य की तरह चलाया जा रहा है। 200, 250, 300 में कोई महल नहीं खरीद लिए हैं। प्रशासन को बताना चाहिए कि तहसीलदार, जनपद सीईओ, एबीईओ, पुलिस सहित अन्य अधिकारी क्या करने गए थे और 6-7 घंटे तक वहां क्या कर रहे थे?

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