*90 विधानसभा क्षेत्र में कई विधायकों की कमजोर स्थिति को बयां कर रहा यह सर्वे रिपोर्ट*

*गिरिजा कुमार ठाकुर*

अंबिकापुर। चुनावी वर्ष में तेज धड़कनों के साथ जहां एक ओर राजनीति में खुद को सिद्धहस्त मानने वाले गली, पहाड़ पार करते उन मतदाताओं की सुध लेने पहुंच रहे हैं, जिनकी दुर्दशा वे अपने लंबे या प्रथम कार्यकाल में दूर नहीं कर पाए, वहीं इंटरनेट मीडिया में वायरल कथित सर्वे रिपोर्ट विधानसभा तक पहुंच बनाए शख्सियतों को उनके कर्मों का आइना दिखा रहा है। चुनावी तारीख व आचार संहिता की घोषणा के पहले 90 विधायकों के छत्तीसगढ़ विधानसभा की जो तस्वीर, इंटरनेट मीडिया में सर्वे रिपोर्ट के रूप में वायरल होकर जनता के सामने आई है, उसकी पुष्टि तो छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन नहीं करता है, लेकिन यह रिपोर्ट कहीं ना कहीं आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीति के महारथियों की आशाओं पर पानी फेरते नजर आ रहा है। भाजपा व कांग्रेस के नेताओं द्वारा शेयर यह सर्वे रिपोर्ट किसी के लिए खलबली का सबब तो किसी के चेहरे में मुस्कान ला रहा है। हालांकि 90 विधानसभा के वर्तमान विधायकों की नब्ज टटोलने का कार्य किसने या किस एजेंसी ने किया, यह अपुष्ट है। बात करें छत्तीसगढ़ की राजनीति में दबदबा बनाकर रखने वाले प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा व सत्तासीन कांग्रेस की, तो वे इस सर्वे रिपोर्ट को लेकर सवाल भी खड़े कर रहे हैं और गलत करार देने में भी पीछे नहीं हैं। इन सबके बीच राजनीति से कोसों दूर आम जनता उबकाई लेते कुछ चेहरों को लेकर की गई टिप्पणी को जुबानी तरकस से छोड़ा गया सही शब्दबाण मानने से गुरेज नहीं कर रही है। इन्हें इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि सर्वे रिपोर्ट किसने जारी किया, चुनाव तिथि की घोषणा के पहले इसे जारी करने का मकसद क्या है? अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों की पंचवर्षीय गाथा से भली-भांति परिचित होने के कारण सर्वे रिपोर्ट में उल्लेखित बातें इनकी नजर में कहीं ना कहीं सटीक निशाने पर बैठ रही हैं। बहरहाल इस रिपोर्ट पर सरसरी निगाह डालें तो प्रमुख पार्टियों के मौजूदा विधायकों में जीत का सेहरा बांधने वाले कुछ विधायकों की संख्या कबड्डी के मैदान में प्रतिद्वंद्वी से घिरे खिलाड़ी जैसी है, जो जीत की रेखा को छूने के लिए संघर्ष करते पस्त हो सकते हैं। मौजूदा हालात में छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के 71, भाजपा के 14 विधायक हैं। इनके अलावा जनता कांग्रेस जोगी के तीन व बहुजन समाज पार्टी के दो निर्वाचित विधायक हैं। प्रदेश में सर्वाधिक सीटें कांग्रेस के कब्जे में होने के बाद भी इनकी हालत वायरल सर्वे रिपोर्ट में काफी कमजोर है। 71 सीटों में 38 सीटों पर हार, 11 में संघर्ष पूर्ण स्थिति होने के बाद 22 सीटें ही इनकी सुरक्षित नजर आ रही हैं। भाजपा की बात करें तो सर्वे रिपोर्ट में 14 विधायकों के बीच पांच सीटों में संघर्ष के साथ जीत-हार का रेशियो फिफ्टी-फिफ्टी का है। सर्वे रिपोर्ट में प्रत्याशी बदलने पर भी जोर दिया गया है।

*सरगुजा संभाग के विस क्षेत्रों पर एक नजर*

*वायरल सर्वे रिपोर्ट में सरगुजा संभाग के विधायकों की स्थिति*

इंटरनेट वीडियो में वायरल सर्वे रिपोर्ट में सरगुजा संभाग के विधायकों की स्थिति पर नजर डालें तो सरगुजा जिले के तीनों विधानसभा सीट में कांग्रेस के विधायक हैं। इनमें अंबिकापुर के वर्तमान विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव का क्षेत्र में पकड़ व प्रभाव मजबूत बताते हुए जीत सुनिश्चित की गई है। लुंड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम के लिए पार्टी को प्रत्याशी बदलने इंगित कराया गया है। सर्वे रिपोर्ट में उल्लेख है वे जीतने की स्थिति में नहीं हैं। सीतापुर विधायक अमरजीत सिंह भगत के लिए टक्कर की स्थिति में जीत और हार दोनों का उल्लेख किया गया है। बलरामपुर जिले की बात करें तो यहां की दोनों विधानसभा सीट कांग्रेस के कब्जे में हैं। यहां से रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह की जगह प्रत्याशी बदलने व सामरी विधायक चिंतामणि महाराज के हारने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। सूरजपुर जिले में भी तीनों विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस विधायकों के कब्जे में है। सर्वे रिपोर्ट में  प्रेमनगर विस के खेलसाय सिंह, भटगांव के पारसनाथ राजवाड़े व प्रतापपुर के डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की हार को इंगित कराया गया है। कोरिया जिले में भी तीनों विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का है, इनमें भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के विधायक गुलाब कमरो की हार का संकेत दिया गया है। मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जयसवाल की टक्कर की स्थिति बताई गई है। बैकुंठपुर विधायक अम्बिका सिंहदेव की जीत सुनिश्चित की गई है। बात जशपुर जिले की करें तो भाजपा के गढ़ में तीनो विधानसभा कांग्रेस के कब्जे में है। इनमें जशपुर विधायक विनय कुमार भगत की जीत व कुनकुरी विधायक यूडी मिंज व पत्थलगांव के विधायक रामपुकार सिंह ठाकुर के हार को इंगित किया गया है। छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन इस सर्वे रिपोर्ट को तथ्य परक नहीं मानता, लेकिन प्रत्याशियों को आइना दिखाने इंटरनेट मीडिया पर वायरल यह रिपोर्ट भावी विधायक प्रत्याशियों के लिए खुद के गुण-दोषों का विश्लेषण करने का संकेत देता है।

*सर्वे रिपोर्ट को लेकर इसलिए भी संशय*

छत्तीसगढ़ के विधायक प्रत्याशियों की स्थिति को बयां कराता इंटरनेट मीडिया में वायरल सर्वे रिपोर्ट भले ही चौकाने वाला हो, लेकिन आज की स्थिति इसे पूरी तरह से प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। रिपोर्ट में भानुप्रतापपुर विधायक के रूप में पूर्व विस उपाध्यक्ष मनोज मंडावी का उल्लेख है, जबकि उनकी पत्नी सावित्री मंडावी अभी विधायक हैं। ऐसे में सर्वे रिपोर्ट कितना सही है, इसे पुष्ट नहीं किया जा सकता है। यह जरूर है कई प्रत्याशियों को लेकर की गई टिप्पणी खरा ही सही, पर कहीं-ना-कहीं निशाने पर सटीक बैठ रही हैं।

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