1. दरिमा में स्थित एयरपोर्ट को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

 

रोमी 

अंबिकापुर। सरगुजा सांसद व केन्द्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने अंबिकापुर के दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट में 72 सीटर विमान की टेस्टिंग के लिए केंद्र सरकार की टीम के आने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी जबरन का श्रेय लेने के लिए हा-हाकार मचा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री के इस कथन के बाद सरगुजा की राजनीति में एक बार फिर जेठ के माह में गर्माहट शुरू हो गई है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री इन दिनों सरगुजा दौरे पर हैं और गुरुवार को वे अंबिकापुर पहुंची, जहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना और उसे टेस्टिंग करना केंद्र सरकार के अधीन नियम है, ना कि राज्य सरकार का। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्रियों के द्वारा श्रेय लेने के लिए निर्माणाधीन एयरपोर्ट में चार सीटर विमान उतार कर फोटो सेशन करा सरगुजा की भोली-भाली जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा आने वाले 15 से 17 मई के बीच केन्द्रीय उड्डयन मंत्रालय की टीम अंबिकापुर पहुंचेगी जो एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी, इस दौरान तीन दिन वे उनके साथ रहेगी। केन्द्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह की ये बातें कही ना कही सही भी हैं। देश का छोटा या बड़ा एयरपोर्ट केन्द्र सरकार के अधीन ही अपना कार्य करता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, दरिमा में स्थित मां महामाया एयरपोर्ट के लिए इतनी हड़बड़ी क्यों..? आखिर क्या कारण है कि केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा संयुक्त बजट देने के बाद भी एयरपोर्ट का काम समय पर पूरा नहीं हो रहा है…? कहीं केंद्र व राज्य की राजनीति में एयरपोर्ट को हरी झंडी मिलने में देर तो नहीं हो रही है..? तमाम ऐसे सवाल कहीं ना कहीं कई सवाल खड़े कर रहे हैं और खामियाजा आम सरगुजा वासियों को भुगतान पड़ रहा है। इस बीच केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट को लेकर जो सवाल खड़े किए हैं उससे तो एक बात तय है कि 72 सीटर विमान की टेस्टिंग होनी अभी बाकी है, क्योंकि जिस विमान को उतार कर कांग्रेसी फोटो पे फोटो खिंचवा रहे हैं, वैसा विमान तो समय-समय पर दरिमा में उतरते रहा है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी के आगमन सहित कई अवसरों पर यहां विमानों की लैंडिंग हुई है। अडानी के अधिकारियों का विमान आए दिन यहां उतरता है।

*ऐसे आया यह हवाई अड्डा अस्तित्व में*
दरिमा हवाई अड्डा के इतिहास को जानने के लिए हम पीछे चलते हैं, हवाई अड्डा अस्तित्व में कैसे आया यह बहुत कम लोगों को ही पता है। अगर इतिहास के पन्नों में दरिमा एयरपोर्ट या दरिमा हवाई अड्डा के अस्तित्व में आने की सच्चाई को अगर टटोलें तो पता चलेगा 1971 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी के आगमन को लेकर सरगुजा में एक बड़े मैदान की तलाश की गई। उस समय पता चला कि दरिमा में 1961 के आसपास छोटे विमान के हिसाब से रन-वे बनाया गया है, जो अंबिकापुर से नजदीक भी है। यह ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह मैदान है। आनन-फानन में प्रधानमंत्री के जहाज को लैंडिंग करने और वहीं पर आम सभा को संबोधित करने के लिए विशाल मैदान को एरोड्रम का रूप दिया गया। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई भी इसी एरोड्रम में बडे़ हवाई जहाज से उतरे। स्वाभाविक है 1971 के दौर में भी भारत के प्रधानमंत्री का काफिला बड़ा ही होगा।
1970 के दशक में प्रधानमंत्री इंदिरा और हवाई जहाज देखने उमड़ पड़े थे लोग

वरिष्ठ कांग्रेसी व नगर के प्रतिष्ठित नागरिक गोपाल केशरवानी ने बताया कि 1971 में जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए दरिमा एयरपोर्ट में आई थी, तब वे महज 15 वर्ष के थे। उनके पिता डॉ. द्वारिका प्रसाद केशरवानी गाय-बछड़ा छाप, जो बाद में कांग्रेस बना उसके अविभाजित सरगुजा के अध्यक्ष थे इसलिए वे भी उस कार्यक्रम में गए थे। उस समय बड़ा हवाई जहाज दरिमा एयरपोर्ट में उतरा था। उन्होंने बताया कि आज का सरगुजा और 70 के दौर का सरगुजा कैसा होगा आप उसका अनुमान लगा सकते हैं। सरगुजा के आम लोग प्रधानमंत्री और हवाई जहाज को देखने के उमड़ पड़े थे।

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