रामानुजनगर। क्षेत्र में राशन दुकान संचालकों द्वारा हितग्राहियों के राशन में  किस प्रकार खुलेआम डकैती किया जा रहा है इसका उदाहरण यहां गणेशपुर सोसायटी में देखने मिला। जहां अधिकारियों के जांच में 40 कार्डधारकों को मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन नहीं दिया जाना पाया गया है।
दरअसल ग्राम पंचायत गणेशपुर के ग्रामीणों द्वारा विगत कुछ माह से रावन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत प्रशासन से की गई थी। जिसके जांच के लिए रामानुजनगर खाद्य निरीक्षक निलम ग्रेस मिंज व प्रेमनगर खाद निरिक्षक बुधवार को गणेशपुर सोसायटी पहुंचे थे। जहां शिकायत करने वाले ग्रामीणों व कुछ अन्य लोगों के समक्ष मामले की जांच पड़ताल की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने राशन दुकान द्वारा की गई गड़बड़ीयों को पकड़ लिया। जांच में ऐसे 40 कार्डधारकों को मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद उन्हें राशन नहीं दिया गया था। मालूम हो कि यहां 392 कार्डधारक है। हितग्राही मूलक योजनाओं में गड़बड़ी रोकने के  लिए केंद्र हो राज्य सरकार सभी के द्वारा  सिस्टम को मजबूत व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत पीडीएस सिस्टम में भी व्यापक बदलाव करते हुए उसे मशीनीकरण किया गया है। इसके बावजूद राशन दुकानों में गड़बड़ी नहीं रूक पा रहा है। और आए दिन इस तरह की खबरें आती रहती हैं। बहरहाल अधिकारियों ने दुकान संचालक द्वारा की गई गड़बड़ी को जांच में पकड़ने के बाद ग्रामीणों के समक्ष प्रतिवेदन कार्रवाई के लिए अग्रेषित कर दिया है। जांच के दौरान पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र साहू,भुलेश्वर राजवाड़े, राजेन्द्र सिंह,देवबरन, संतोष, यमुना सहित काफी संख्या में ग्रामीण व हितग्राही उपस्थित थे।
प्रबंधन व स्टाफ दबाव में
जांच में एक और महत्वपूर्ण बात निकलकर सामने आया है यहां गणेशपुर सोसायटी के प्रबंधक सीता राम राजवाड़े द्वारा जांच अधिकारियों को बताया गया कि यहां के प्राधिकृत अध्यक्ष द्वारा दबाव पूर्वक सहायक विक्रेता अमृत लाल साहू को हटाकर ई पोस्ट मशीन में स्वयं अपना और भानू राजवाड़े का नाम अंकित कराकर  राशन वितरण किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार समिति द्वारा कोई ऐसे प्रस्ताव नहीं किए गए हैं।  जब शासन से प्राधिकृत अध्यक्ष नियमों को धता बताकर सेल्समेन बन जाए या बना दे तो राशन दुकानों से हेराफेरी रोकना असंभव सा लगता है। ग्रामीणों ने गलत तरीके से नियुक्त राशन विक्रेता को हटाकर पूर्व से समिति में कार्यरत सहायक विक्रेता को राशन दुकान संचालन की जिम्मेदारी दिलाए जाने की मांग प्रशासन से की है।

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