केंद्र व राज्य सरकार सहित भ्रष्ट क्रियाकलापों में शामिल सात लोगों को नोटिस जारी
मामला एनजीओ संचालक द्वारा बुजुर्गों व मृतक को इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण देने व समोसे खिलाने का  

अंबिकापुर। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की गुहार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार सहित भ्रष्ट क्रियाकलापों में शामिल सात लोगों को नोटिस जारी किया है। बता दें कि सरगुजा संभाग में विशेष संरक्षित जनजातियां, जिन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र माना गया है, उनके संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित करने  के नाम पर सरगुजा संभाग में थबिरो राम बारीक नामक एनजीओ संचालक ने स्थानीय प्रशासन व शासन से सांठगांठ कर योजना संचालन की खानापूर्ति की, इसे लेकर करोड़ों रुपये डकारने के आरोप लगे हैं। सरगुजा के विकासखंड बतौली में पहाड़ी कोरवा युवाओं को इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण देने के नाम पर एनजीओ संचालक ने 60 से 80 साल के बुजुर्ग महिला, पुरुष एवं मृतक को भी दो-दो समोसे खिलाने और इलेक्ट्रिशियन बनाने का चमत्कार कर दिखाया और 9.45 लाख रुपये की चपत लगा दी।

जिन्हें इलेक्ट्रिशियन बनाने की कागजी खानापूर्ति की गई, उन लोगों ने 20 जनवरी 2022 को थाना बतौली में मौखिक एवं लिखित शिकायत की। 15 पहाड़ी कोरवा हितग्राहियों ने अपना कथन भी दिया, इसके बाद विवेचना की बात कहकर उन्हें भेज दिया गया। 23 फरवरी 2023 को छह हितग्राहियों ने एसडीओपी सीतापुर के समक्ष उपस्थित होकर अपना कथन और आधार कार्ड भी दिया, किंतु विवेचना की बात यहां भी आड़े आ गई। अंतत: चार हितग्राही पहाड़ी कोरवा बागर साय 40 वर्ष व उसकी मां मंगनी 65 वर्ष, महली 75 वर्ष एवं दशरथ पहाड़ी कोरवा निवासी ग्राम घोघरा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका क्रमांक 1837/2023, 17 अप्रैल 2022 को दायर की, जिस पर उच्च न्यायालय ने केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रालयों के ट्रायबल सेक्रेटरी सहित सात लोगों को नोटिस जारी किया है। देखना यह है कि एनजीओ संचालक और उसके सरपरस्त न्यायालय के समक्ष 80 साल के बुजुर्गों को 20 साल का और मृतक को जिंदा करने का चमत्कार करेंगे।

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