दिल्ली । वसंत कुंज साउथ इलाके में तीन दिनों के अंतराल में दो सगे भाईयों को कुत्तों ने नोंच नोंच कर मार डाला। पुलिस ने दोनों भाईयों के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया है। शुक्रवार को पहली घटना में कुत्तों ने सात वर्षीय आनंद को शिकार बनाया था, जबकि रविवार सुबह शौच करने गए पांच वर्षीय आदित्य को पांच छह कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया।

कुत्तों ने लोगों के पहुंचने तक बच्चे को नोंच डाला। बच्चे के शरीर पर 30 से ज्यादा बार कुत्तों के काटने के निशान मिले हैं। वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में आक्रोश जताते हुए इलाके के कुछ कुत्तों को पीट-पीट कर मार डाला।

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मृतक आदित्य

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मृतक बच्चे आनंद और आदित्य अपने परिवार के साथ रंगपुरी पहाड़ी के सिंधी बस्ती में रहते थे। परिवार मूलत: इलाहाबाद के गोसाई नगर का रहने वाला है। बच्चों के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और मां पार्लर में नौकरी कर घर का खर्चा चलाती है। परिवार में माता-पिता के अलावा तीन भाई नौ वर्षीय अंत, आनंद और आदित्य शामिल थे, जिसमें से आनंद और आदित्य की मौत हो चुकी है।

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मृतक आनंद

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस को एक बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने शिकायत पर तुंरत कार्रवाई करते हुए बच्चे की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे बाद जंगल में एक दीवार के पास आनंद के शव को पुलिस ने बरामद किया। बच्चे के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान थे और शरीर के कई अंग बुरी तरह से अलग हो गए थे।

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मृतक बच्चों की शोकाकुल मां (मध्य में)

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में स्थानीय लोगों ने पूछताछ में बताया जंगल में कुत्तों के कई झुंड मौजूद हैं। वह अक्सर जानवरों पर भी हमला करते हैं। शुक्रवार सुबह आनंद का छोटा भाई आदित्य शौच के लिए अपने चचेरे भाई चंदन के साथ जंगल में गया था।

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रंगपुरी पहाड़ी स्थित जंगलों में कुत्तों को भगाने के लिए डंडों के साथ घूमते स्थानीय लोग

चंदन आदित्य को छोड़ कर कुछ दूर चला गया, इसी दौरान कुत्तों का झुंड वहां आ गया। कुत्तों ने बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चा चिल्लाने लगा तो चंदन उसे बचाने के लिए दौड़ा। इसी दौरान वहां आनंद की मौत की जांच कर रहे जांच अधिकारी एसआइ महेंद्र भी जांच के लिए पहुंचे थे। शोर सुनकर वह भी लोगों के साथ दौड़े तो उन्होंने देखा कि आदित्य को कुत्तों ने घेरा हुआ था और चंदन भी वहां मौजूद था

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कुत्तों को पकड़ने पहुंची टीम

लोगों की मदद से कुत्तों को वहां से भगाया गया। कुत्तों के जाने के बाद तुंरत बाद बच्चे को एसआइ महेंद्र ने अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की और दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

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