दतिमा मोड़(अनूप जायसवाल)- कोयला परिवहन करने वाले वाहन बिना तिरपाल ढके फर्राटे भर रहे हैं। इसके चलते सड़क में कोयला के बड़े-बड़े टुकड़े गिर रहे हैं और धूल बनकर उड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

नियम कानून को दरकिनार कर सड़क में बेखौफ ट्रेलर वाहन दौड़ते हैं। निजी कंपनी द्वारा संचालित करंजी साइडिंग में जगरनाथपुर से कोयला लाया जाता है और ट्रेलर वाहनो से परिवहन किया जाता है। वाहनों में कोयला को बिना तिरपाल ढके परिवहन किया जाता है। वहीं इन वाहनों में ट्राली से ऊपर कोयला को लोड कर बिना तिरपाल ढके सड़क में फर्राटे भरते हैं। लिहाजा सड़क में कोयला गिरता है। वहीं कोयला के बड़े-बड़े टुकड़े धूल में तब्दील उड़ते हैं और कई बार बाइक चालकों की सिर में भी गिर चुका है जिससे कि वह चोटिल हो गए हैं। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल से लोगों के स्वास्थ्य में बुरा असर पड़ रहा है। वहीं सड़क से लगे आसपास के खेतों में जाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो रही है। इससे फसल का पैदावार प्रभावित हो रहा है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश है। लगे वाहनों में क्षमता से अधिक कोयले का परिवहन कराया जा रहा है। ओवरलोड वाहनों के चलने से पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सिर्फ और सिर्फ गड्ढे में तब्दील हुई सड़क में मिट्टी डालकर छोड़ दिया जाता है जिससे कि ओवरलोड भारी-भरकम वाहन चलने से उड़ने वाले डस्ट से दुर्घटना की संभावना रहती है।

आधे सड़क पर रहती है कब्जा… बनती है हमेशा जाम की स्थिति

जर्जर सड़कों पर जम गई कोयले की धूल

लटोरी से नावापारा के बीच अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़क पर सालों से जमे कोयले की धूल नहीं हट सकी है जहां-जहां से यह ट्रक गुजरते हैं। वहां के रहवासी प्रदूषण की मार से घुट-घुट कर जीने को विवश हैं। आमतौर पर 80 से 100 रैक कोयला रवाना होती है।

सड़क पर तेज रफ्तार से चलती हुई ट्रेलर वाहन…

सड़क में नियमित पानी छिड़काव नही, अनफिट वाहन दौड़ रही

उड़ने वाली धूल से लोगो के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वही सड़क में नियमित पानी छिड़काव नही किया जाता। इसके अलावा इन वाहनो में बहुत से वाहन अनफिट होने के बाद भी परिवहन में लगे हैं। मगर इन पर कार्रवाई नहीं होती। नो एंट्री के समय सड़क में वाहन बेतरतीब खड़ी कर देते हैं। जिससे राहगीरों को काफी परेशानियों के साथ साथ दुर्घटना का भय बना रहता है। बहुत से वाहनो के पीछे वाहन नंबर नही रहता। वाहनो के पीछे ब्रेक लाइट व ट्राली में रिफ्लेक्टर नहीं लगा रहता है। जिसके कारण रात में कई बाइक सवार दुर्घटना के शिकार हो गए हैं। इसके बाद भी इन वाहनों का परिवहन विभाग के द्वारा फिटनेस जांच व कार्रवाई नही की जाती। कोयला परिवहन में लगे वाहनो को परिवहन विभाग की खुली छूट का खामियाजा क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। यातायात, पुलिस की उदासीनता व भारी वाहन चालकों के मनमाने रवैये के चलते लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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ओवर लोड बना लोगों के लिए मुसीबत

सूरजपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर कोयला के साथ बालू, गिट्टी आदि का अवैध खनन तेज हो गया है। अवैध खनन तेज होने से बालू और गिट्टी का अवैध तरीके से परिवहन भी तेज हो गया है। सब कुछ संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों व खनन माफिया की मिलीभगत से हो रहा है। परिणामस्वरूप जब शिकायत का सिलसिला तेज होता है तब विभागीय अधिकारी कुछ वाहनों को ओवरलोड के नाम पर चालान कर देते हैं। अवैध खनन व परिवहन का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जब भी छापे की कार्रवाई होती है, बगैर परमिट के खनिज पदार्थों का परिवहन पकड़ा जाता है। जांच के नाम पर प्रशासन भी महज औपचारिकता पूरी कर रहा है। इसका नतीजा है कि सड़क पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।

चार युटर्न चौक पर तेज रफ्तार से मुड़ती हुई वाहन

नौसिखिया संभाल रहे स्टीयरिंग

ट्रेलर चलाने वाले नौसिखिए इन दिनों वाहन चलाने का काम कर रहे हैं। वाहन चालन में दक्षता नहीं होने और बेहिसाब गति के कारण लगातार दुर्घटना भी हो रही हैं। तेज गति से दौड़ने वाली स्टीयरिंग ये नौसिखिए चालक संभाल रहे हैं। वाहनों की गति सीमा पर अंकुश नहीं लगाने की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद इस दिशा में रोक लगाने की जो पहल होनी चाहिए। वह नहीं हो रही है। वाहनों की तेज गति से दुर्घटना में आए दिन कई दुर्घटना की वजह से मौत के मुंह में जा रहे हैं।

बजरंग दल के अविनाश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बगैर तिरपाल ढके नियम विरूद्घ ढंग से कोयला परिवहन का कईबार विरोध किया जा चुका है। किंतु कार्रवाई के अभाव में क्षेत्रवासी आए दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं जिससे कभी भी कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है। तेज रफ्तार से वाहन चल रही है। प्रशासन को भी शायद मौतों का इंतजार है। प्रशासन की लापरवाही से क्षेत्रवासियों में व्याप्त आक्रोश कभी भी उग्र आंदोलन का कारण बन सकता है।

नियमों को लेकर कोल परिवहन संचालकों को निर्देश की गई है। आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है। यदि नियमो का उल्लंघन किया जा रहा है तो सरासर गलत है। हमारी टीम के द्वारा मौके पर जांच की जाएगी। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अमित कश्यप
परिवहन अधिकारी सूरजपुर।

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